लखनऊ 10 मार्च (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश की फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (एफडीआई), विदेशी पूंजी निवेश (एफसीआई), फॉच्र्यून ग्लोबल 500 और फॉच्र्यून इंडिया 500 निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में स्थापित होने वाली चिकित्सा उपकरण निर्माण इकाई को सब्सिडी प्रतिपूर्ति का निर्णय लिया गया है।मेसर्स टीआई मेडिकल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मेडिकल डिवाइस पार्क क्षेत्र में 4.48 हेक्टेयर भूमि पर 215.20 करोड़ रुपये के निवेश से चिकित्सा उपकरण निर्माण सुविधा स्थापित की जा रही है। इस परियोजना के लिए कंपनी को प्राधिकरण द्वारा 44,000 वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई है, जिसका कुल प्रीमियम मूल्य 55,36,32,000 रुपये है।एफडीआई नीति-2023 के अंतर्गत इस परियोजना के लिए अनुमन्य कुल सब्सिडी 41,52,24,000 रुपये निर्धारित की गई थी। वहीं भारत सरकार की मेडिकल डिवाइस पार्क योजना के तहत कंपनी को पहले ही 26,74,56,000 रुपये की सब्सिडी प्राप्त हो चुकी है।इस स्थिति में शेष अंतर की धनराशि 14,77,68,000 रुपये को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को प्रतिपूर्ति के रूप में दिए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। इस प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद ने अनुमोदन प्रदान कर दिया है।इस निर्णय से मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा तथा प्रदेश में चिकित्सा उपकरण निर्माण क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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