वाशिंगटन/तेल अवीव ,11 मार्च। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री क्कद्गह्लद्ग ॥द्गद्दह्यद्गह्लद्ध ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार ईरान के लिए अब तक का सबसे भीषण दिन साबित हो सकता है और अमेरिकी हमले और तेज किए जाएंगे।
पेंटागन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हेगसेथ ने कहा कि ईरान पर अब तक के सबसे जोरदार हमले किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों की संख्या सबसे कम रही है, जिससे संकेत मिलता है कि उसकी हमला करने की क्षमता कमजोर पड़ रही है, हालांकि तेहरान अभी भी संघर्ष जारी रखने की बात कर रहा है।
इसी बीच इजरायल के प्रधानमंत्री क्चद्गठ्ठद्भड्डद्वद्बठ्ठ हृद्गह्लड्डठ्ठ4ड्डद्धह्व ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि इजरायल ईरान की सैन्य ताकत को लगातार कमजोर कर रहा है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इस युद्ध का उद्देश्य ईरान की मौजूदा सत्ता को हटाना और वहां के लोगों को दमन से मुक्ति दिलाना है।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव
संघर्ष के बीच खाड़ी क्षेत्र में भी तनाव बढ़ गया है। क्तड्डह्लड्डह्म् रूद्बठ्ठद्बह्यह्लह्म्4 शद्घ ष्ठद्गद्घद्गठ्ठष्द्ग ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कतर की ओर बढ़ रही एक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके बाद नागरिकों को एहतियात के तौर पर घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है। वहीं ठ्ठद्बह्लद्गस्र ्रह्म्ड्डड्ढ श्वद्वद्बह्म्ड्डह्लद्गह्य ने भी ईरान से संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए अपनी वायु रक्षा प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। इस बीच ईरान के एक सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ष्ठशठ्ठड्डद्यस्र ञ्जह्म्ह्वद्वश्च को चेतावनी भी दी है।
युद्ध को लेकर अलग-अलग संकेत
ट्रंप के बयानों ने भी वैश्विक स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने युद्ध की अवधि को लेकर अलग-अलग संकेत दिए हैं, जिससे अनिश्चितता का माहौल बन गया है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों और शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया। इस बीच ईरानी संसद के स्पीकर रूशद्धड्डद्वद्वड्डस्र क्चड्डद्दद्धद्गह्म् त्रद्धड्डद्यद्बड्ढड्डद्घ ने उन खबरों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि ईरान युद्धविराम की मांग कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि तेहरान ने किसी तरह के युद्धविराम का अनुरोध नहीं किया है।
अमेरिका के तीन मुख्य सैन्य लक्ष्य
उधर अमेरिकी सेना के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष ष्ठड्डठ्ठ ष्टड्डद्बठ्ठद्ग ने भी युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान अब 11वें दिन में पहुंच चुका है और अमेरिकी सेना के तीन प्रमुख लक्ष्य तय किए गए हैं। जनरल केन के मुताबिक पहला लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमता को पूरी तरह खत्म करना है। दूसरा उद्देश्य उसकी नौसेना को कमजोर करना और तीसरा लक्ष्य ईरान के सैन्य ठिकानों के भीतर तक कार्रवाई करना है। उनके इस बयान से संकेत मिलते हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तेज कर सकता है।
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