वाशिंगटन ,11 मार्च। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच पिछले दस दिनों से जारी सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ष्ठशठ्ठड्डद्यस्र ञ्जह्म्ह्वद्वश्च का एक बयान विवादों में आ गया है। हाल ही में ट्रंप ने ईरान के युद्धपोत ढ्ढक्रढ्ढस् ष्ठद्गठ्ठड्ड को डुबोए जाने की घटना पर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है।
जहाजों को डुबोने में ज्यादा मजा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने उनसे कहा था कि जहाजों को पकडऩे से ज्यादा मजेदार है, उन्हें तबाह कर देना या डुबोना। ट्रंप ने अमेरिकी सेना के साथ बातचीत के बारे में बताते हुए कहा कि जहाज को डुबोना ज्यादा मजेदार है। उन्हें उसे डुबोना ज्यादा पसंद है। वे कहते हैं कि उसे डुबोना ज्यादा सुरक्षित है। मुझे लगता है कि यह शायद सच है।
दरअसल पिछले सप्ताह अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा किए गए हमले में ईरान का युद्धपोत ढ्ढक्रढ्ढस् ष्ठद्गठ्ठड्ड डूब गया था। बताया गया कि इस हमले में कम से कम 87 ईरानी सैन्यकर्मियों की मौत हुई। यह जहाज भारत की मेजबानी में आयोजित बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यास रूढ्ढरु्रहृ ठ्ठड्ड1ड्डद्य द्ग&द्गह्म्ष्द्बह्यद्ग में भाग लेने के बाद अपने देश लौट रहा था।
ईरान ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। ईरान के उप विदेश मंत्री स्ड्डद्गद्गस्र ्यद्धड्डह्लद्बड्ढ5ड्डस्रद्गद्ध ने कहा कि बिना हथियार वाले जहाज पर हमला अस्वीकार्य है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस घटना का उचित जवाब दिया जाएगा। उधर ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी-इजरायली सैन्य अभियान ह्रश्चद्गह्म्ड्डह्लद्बशठ्ठ श्वश्चद्बष् स्नह्वह्म्4 का जिक्र करते हुए दावा किया कि तेहरान की सैन्य क्षमताओं को बड़ा नुकसान पहुंचाया जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि इस संयुक्त अभियान के जरिए ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमता को खत्म किया जा रहा है और उसकी नौसैनिक ताकत लगभग तबाह हो चुकी है।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अब तक ईरान के 46 जहाज समुद्र में नष्ट किए जा चुके हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, जबकि ईरान लगातार अमेरिकी और इजरायली हमलों का जवाब देने की बात कह रहा है।
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