सुल्तानपुर 11 मार्च (आरएनएस )। बल्दीराय क्षेत्र के चक्कारीभीट गांव में 21 रमजान के पवित्र अवसर पर हजरत मौला अली (अ.स.) की शहादत की याद में पारंपरिक जुलूस और मजलिस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़े गमगीनऔर श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ।
चक्कारीभीट के बड़े इमामबाड़े में सबसे पहले मौला अली (अ.स.) की शहादत पर एक भावपूर्ण मजलिस आयोजित की गई। मजलिस के बाद शबीहे ताबूत (ताबूत) निकाला गया, जो पुराने निर्धारित रास्ते से होते हुए गांव के कर्बला पहुंचा। वहां ताबूत को सिपुर्द-ए-खाक किया गया। जुलूस में शामिल अजादारों ने मौला अली की शहादत पर नौहे पढ़े, मातम किया और सीना-जनी करते हुए Óया अलीÓ के सदाओं के साथ। जुलूस के दौरान मस्जिद में नमाजी मारा गया वावेला नौहा पढ़ा और मातम करते हुए। पूरा जुलूस शोकाकुल माहौल में अदब और सम्मान के साथ संपन्न हुआ। इस मौके पर अंजुमन-ए-करवाने-अजा के सदस्यों सहित दर्जनों अजादार मौजूद रहे, जिनमें अंसार हुसैन, शाहिद हुसैन, सफदर जाफरी, मोहम्मद वसीम, सोहेल अब्बास, इसरार हुसैन, फरहान अली, मोहम्मद रेहान, जफर अब्बास, कैफ मिर्जा, औन मोहम्मद, अमीर हैदर, बाजि़ल अब्बास, अरमान, मीज़ान, चमन मोहम्मद सहित अन्य शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल्दीराय थाना क्षेत्र के पारा चौकी प्रभारी रामराज, सिपाही अमित कुमार, दीवान के के यादव सहित पुलिस फोर्स मौजूद रही। यह आयोजन शिया समुदाय की गहरी आस्था और मौला अली (अ.स.)
के प्रति प्रेम को दर्शाता है, जो प्रतिवर्ष चक्कारीभीट में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है।
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