—- सोशल मीडिया पर ऑडियो वॉयरल होने के बाद एसपी ने किया था उक्त दरोगा को लाइन हाजिर।
कुशीनगर, 11 मार्च (आरएनएस)। जनपद के तरया सुजान थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक पर रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप के बाद पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक ने आरोपी दरोगा को पहले ही लाइन हाजिर कर दिए थे। जानकारी के अनुसार तरयासुजान थाना क्षेत्र के भगवानपुर निवासी दीपक गिरी पुत्र कृपाशंकर गिरी ने पुलिस को दिए लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके द्वारा वर्ष 2025 में एक मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसकी विवेचना थाने में तैनात उपनिरीक्षक आलोक कुमार सिंह कर रहे थे। पीडि़त का आरोप है कि विवेचना के दौरान दरोगा द्वारा मामले में चार्जशीट लगाने के नाम पर 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी। पैसे नहीं होने पर वह बार-बार बिना पैसे के निष्पक्ष कार्रवाई करने की गुहार लगाता रहा, लेकिन कथित तौर पर दरोगा लगातार रुपये की मांग करते रहे। दीपक गिरी का कहना है कि उसने रिश्वत मांगने की बातचीत का मोबाइल फोन से ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया था, जिसे 8 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। ऑडियो वायरल होने के बाद उसने अपनी जान-माल को खतरा बताते हुए कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद में तैनात तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने पहले ही आरोपी उपनिरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिए थे। इसके बाद 10 मार्च 2026 को तरयासुजान थाने में एफआईआर संख्या 0058 दर्ज कर आरोपी दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 व 13 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई से साफ संदेश दिया गया है कि कुशीनगर पुलिस में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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