लखनऊ, 11 मार्च (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि वह शीघ्र ही केंद्रीय श्रम मंत्री से भेंट कर पत्रकारों सहित निजी क्षेत्र के सभी अवकाश प्राप्त कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (पीएफ) से मिल रही मासिक ?1000 की न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर ?5000 किए जाने की मांग को मजबूती से उठाएंगे।यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को केंद्रीय श्रम मंत्री को संबोधित संबंधित ज्ञापन श्रम मंत्री अनिल राजभर को सौंपा। यह प्रस्ताव यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अयोध्या में आयोजित प्रादेशिक सम्मेलन में पारित किया गया था, जिसमें न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई थी।प्रतिनिधिमंडल में यूनियन के प्रादेशिक महामंत्री देवराज सिंह, लखनऊ इकाई के अध्यक्ष शिवशरण सिंह, अब्दुल हसनैन ताहिर और आशीष कुमार सिंह शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने श्रम मंत्री को बताया कि वर्तमान समय में ?1000 की न्यूनतम पेंशन से अवकाश प्राप्त कर्मचारियों का जीवन-यापन करना अत्यंत कठिन हो गया है।यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने बताया कि ?1000 की न्यूनतम पेंशन का निर्धारण लगभग डेढ़ दशक पहले किया गया था। वर्तमान महंगाई के दौर में यह राशि अत्यंत कम है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्य सरकारें महिलाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों को हजारों रुपये की पेंशन प्रदान कर रही हैं, जबकि निजी क्षेत्र में जीवन के कई दशक पूर्णकालिक सेवा देने वाले कर्मचारियों को केवल ?1000 पेंशन मिलना हास्यास्पद और अन्यायपूर्ण है।श्रम मंत्री अनिल राजभर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह शीघ्र ही केंद्रीय श्रम मंत्री से मुलाकात कर यूनियन की मांग को उनके समक्ष रखेंगे और न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के लिए प्रभावी रूप से प्रयास करेंगे।
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