श्री स्वामी डूंग जी महाराज संस्थान के पूर्वाध्यक्ष ने अपनी समस्त सम्पत्ति को बेचकर भी गोसेवा संरक्षण किया
प्रयागराज 11 मार्च (आरएनएस)। श्री स्वामी डूंग जी महाराज संस्थान (भूरा मठ) के पीठासीन अध्यक्ष विद्यामार्तण्ड अरविंद स्वामी जोशी ने कहा कि वर्तमान में क?ई धनाढ्य धर्माचार्य गो हत्या पर योगी- मोदी सरकार को गालियां दे रहे हैं। वह यात्रायें निकाल रहे हैं, लेकिन खुद के जीवन दर्शन में देखने का प्रयास नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा पहले तो ऐसे भी संत हुआ करते थे, जो अपनी सारी संपत्ति बेचकर गोसेवा करते थे। श्री स्वामी हरीश्वरानन्द तीर्थ जी महाराज उर्फ हुकुमानन्द का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने अपनी समस्त चल-अचल सम्पत्ति को बेचकर के दो लाख से अधिक गोवंश का संरक्षण किया। दण्डी सन्यासी समाज के वो महान सन्त थे। उनका सम्पूर्ण जीवन गो सेवा में लगा रहा।उन्होंने काशी, चित्रकूट, हरिद्वार, बृजघाट, गढ़मुक्तेश्वर, प्रयाग तथा कोलकाता जैसे प्रमुख नगरों में स्थित विशाल भवनों का विक्रय करके भी गो वंश की रक्षा में सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्हें धर्मसम्राट श्री स्वामी करपात्री जी समेत 80 के दशक के सभी महान सन्तों की सेवा तथा अपने संस्थान में आकर निवास करते देखा गया।
सवाल किया कि क्या आज अरबों की सम्पत्ति के साम्राज्य पर बैठे कुछ एक बड़े धर्माचार्यों का कर्तव्य नहीं बनता कि वह योगी-मोदी को गालियां अथवा कोसने को त्याग कर अपने अपार धन वैभव का त्याग करके अपने चांदी-सोने के सिंहासनों से मुक्त होकर स्वावलम्ब रूप से समाज को गो वध से मुक्त करें? क्या उन्हें समाज के धन पर स्वयं की सुख सुविधा और मोटी दक्षिणा इसलिए दी गयी है कि केवल ज्ञान बांटिये ? यह वर्तमान समय में विचार का प्रश्न है और हर धर्मज्ञ व्यक्ति को अवश्य उन महात्माओं से पूछना चाहिए जो योगी और मोदी को भर-भर पेट गालियां बक रहे हैं।
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