भोपाल 11 मार्च (आरएनएस)। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसानों को विभागीय योजनाओं का भरपूर लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रदेश के लाखों किसानों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि खाद?य एवं पोषण सुरक्षा मिशन के तहत जिलों में दलहन, धान, गेहूं, मोटा-अनाज (श्रीअन्न), न्यूटीसीरियल, गन्ना एवं कपास फसलों के उत्पादन में बढ़ोतरी करना है। खादय एवं पोषण सुरक्षा (कृषि उन्नति योजना खादय एवं पोषण सुरक्षा मिशन) में चयनित 369324 कृषकों को लाभांवित किया गया है। सबमिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन “आत्मा” की प्रमुख गतिविधियों में कुल लगभग 158763 से अधिक कृषक लाभान्वित हए हैं।
रिमोट सेसिंग तकनीक का उपयोग कर खरीफ-2024 से राज्यव्यापी डिजीटल क्रॉप सर्वे किया जा रहा है तथा प्रदेश के सभी क्षेत्रों में उगाई जा रही फसलों का मोबाईल ऐप के माध्यम से जियो टैग सर्वे किया जा रहा है। उर्वरक के लिये भोपाल जिले में पायलेट किया जा रहा है जिसका राज्य व्यापी क्रियान्वयन बीज परीक्षण के लिये भी प्रस्तावित है।
किसान सम्मान निधि योजना-प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में इस वर्ष प्रदेश के 84 लाख से अधिक कृषकों को 2 किस्तों में3378 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। इसी तरह मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 3374 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है।
धरती माता बचाओ अभियान-धरती माता बचाओ अभियान के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर, अनुभाग स्तर एवं जिला स्तर पर समितियों का गठन किया गया है, जिसका उददेश्य सलित उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देना एवं उर्वरक के अवैधानिक उपयोग को नियंत्रण एवं मृदा स्वास्थ्य में सुधार किया जाना है।
परंपरागत कृषि विकास योजना-जैविक खेती को प्रोत्साहित एवं बढावा देने के लिए वर्ष 2025-26 में 43350 हैक्टेयर में सर्विस प्रोवाईडर के माध्यम से कृषक समूहों में जैविक प्रमाणीकरण कार्यक्रम क्रियान्वित है। कृषकों को राशि रुपये 5000 प्रति हैक्टेयर प्रति वर्ष अनुदान देय है।
नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग-प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित एवं बढावा देने के लिये 1513 क्लस्टर में 189125 एकड़ में 189125 किसानों के साथ क्रियान्वित किया जा रहा है। प्रत्येक कृषक को 4000 रुपए प्रति एकड़ प्रति वर्ष अनुदान का प्रावधान है। इसके लिए 3026 कृषि सखी चयनित एवं प्रशिक्षित कर प्रति कृषि सखी को 5000 रुपए मानदेय प्रतिमाह दिए जाने का प्रावधान है।
दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन-दाल वाली फसलों तुअर, उड़द एवं मसूर पर विशेष ध्यान देते हुए दलहन उत्पादन एवं क्षेत्रफल विस्तार करने के लिए 11 अक्टूबर 2025 से दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन प्रारम्भ हुआ है। वर्तमान में दलहन उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2024-25 में दलहन का कुल क्षेत्रफल 44.92 लाख हैक्टेयर रहा, जिसे आगामी 03 वर्षों में लगभग 55 लाख हैक्टेयर किये जाने का लक्ष्य है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना-प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का शुभारंभ कृषि उत्पादकता और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। योजना में मध्यप्रदेश के 8 जिले अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सीधी, आलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ एवं डिंडौरी को शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में कृषि विभाग की 19 तथा अन्य विभागों की 17 प्रचलित योजनाओं का अभिसरण किया जा रहा है।

