प्रयागराज में 50 नई दुग्ध सहकारी समितियां स्थापित
प्रयागराज 12 मार्च (आरएनएस)। दुग्ध के व्यवसाय से जुड़े किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सतत प्रयास कर रही है। नन्द बाबा दुग्ध मिशन के माध्यम से इसे हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए नई दुग्ध सहकारी समितियों की स्थापना बड़े पैमाने पर की गई हैं।
सरकार एक तरफ नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत देशी नस्ल के गोवंश के पालन पर जोर दे रही है तो वहीं दूसरी तरफ इन दुग्ध डेयरियों से मिलने वाले उत्पाद का उचित मूल्य प्रदान करने के लिए सहकारी दुग्ध समितियों की स्थापना कर रही है। प्रयागराज दुग्ध सहकारी संघ के महाप्रबंधक मनीष कुमार चौधरी बताते हैं कि मंडल में मौजूदा वित्तीय वर्ष में 120 नई दुग्ध सहकारी समितियों की स्थापना की गई है। इसमें प्रयागराज जिले में 50 सहकारी समितियों , फतेहपुर मे 40 , प्रतापगढ़ मे 30 और कौशांबी मे 10 की स्थापना हुई है। लगभग पांच हजार किसानों व पशुपालकों को इनसे जोड़ा गया है। समितियां इनका दूध खरीदेंगी और उसे संघ को उपलब्ध कराएंगी।
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दुग्घ आपूर्ति में बढ़ोत्तरी, पशु आहार की निशुल्क आपूर्ति
प्रयागराज। प्रयागराज दुग्ध सहकारी संघ की ओर से गांवों में दुग्ध सहकारी समितियां बनाई गई हैं। मंडल में करीब 293 समितियां पहले से सक्रिय हैं जिसमे प्रयागराज मे 148 , कौशांबी मे 41, प्रतापगढ़ मे 43 और फतेहपुर मे 61 हैं और अब नई समितियों की स्थापना से एक तरफ दुग्ध उत्पादक किसानों की आमदनी बढ़ेगी तो वहीं दूसरी तरफ आम आदमी को शुद्ध दूध की आपूर्ति हो सकेगी।
इन समितियों की स्थानों से प्रयागराज में प्रतिदिन 8000 किग्रा दूध मिल रहा है जो पहले मात्र 3000 किग्रा था। हर समिति से जुड़े पशुपालकों को नि:शुल्क पशु आहार भी समिति दे रही है। प्रयागराज दुग्ध सहकारी संघ के महाप्रबंधक मनीष चौधरी ने बताया कि समितियों के खुलने से किसानों को दूध उपलब्ध कराने में परेशानी नहीं होगी। दूधियों के हाथों औने-पौने दाम पर दूध बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। इसके अलावा किसानों को आपूर्ति किए गए दूध के हिसाब से निशुल्क पशु आहार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। हर समिति से 50 से अधिक किसान और 40 पशुपालक जुड़े हैं।
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