गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और संकट के खिलाफ सीएम सोमवार को सड़क पर उतरेगी
जगदीश यादव
कोलकाता 12 मार्च (आरएनएस)। रसोई गैस को लेकर हर तरफ संकट देखी जा रही है और कालाबाजारी भी बढ़ गई है। ऐसे में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि, बंगाल के कोटे का गैस बाहर नहीं जा सके इसका ख्याल रखना होगा। राज्य सचिवालय नबान्न में आयोजित एक उच्च स्तरीय वर्चुअल बैठक में उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल को आवंटित गैस राज्य के भीतर ही रहे और कहीं और न भेजी जाए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज राज्य में भी बढ़ती गैस की कमी से निपटने के लिए सख्त प्रशासनिक कार्रवाई के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए गैस की अवैध तस्करी और कालाबाजारी की खबरों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गैस के दुरुपयोग को रोकने और सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के लिए आपूर्ति श्रृंखला की चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जाए। बता दे कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और फ्यूल संकट के कारण ‘अराजकÓ करार दिया व सड़क पर खुद उतरने का ऐलान किया। वह सोमवार, 16 मार्च को सड़क पर उतरेंगी और इस दौरान एक बड़ा जुलूस निकालने का आह्वान किया है। जुलूस शाम 4 बजे कॉलेज स्क्वायर से शुरू होगा व डोरीना क्रॉसिंग पर समापन होगा। सीएम ने साफ कहा कि, यह स्थिति केंद्र की लापरवाही के कारण है। ममता ने आरोप लगाया कि यह युद्ध कुछ समय पहले शुरू हुआ था। फिर भी, केंद्र सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। वह चुपचाप बैठी रही। बनर्जी ने गैस की कमी के कारण घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को हो रही कठिनाइयों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया कि वे गैस वितरण केंद्रों और गोदामों का अचानक निरीक्षण करें ताकि किसी भी प्रकार की जमाखोरी या अवैध भंडारण का पता लगाया जा सके, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है। कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर, मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को सतर्क रहने और वितरण केंद्रों के पास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रखने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि गैस के अवैध भंडारण या अधिक कीमतों पर बिक्री में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या एजेंसी के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा बैठक के दौरान, बनर्जी ने अधिकारियों को गैस कंपनियों के साथ घनिष्ठ समन्वय स्थापित करने और आपूर्ति को प्रभावित करने वाले रसद संबंधी या तकनीकी मुद्दों को हल करने का निर्देश दिया। उन्होंने दोहराया कि प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता घरों और व्यवसायों के लिए निर्बाध गैस उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
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