रायपुर, 12 मार्च 2026 (आरएनएस )छत्तीसगढ़ विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 6 हजार 976 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। विभागीय मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अब “SANKALP मॉडल” के आधार पर विकसित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य हर नागरिक तक बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।
विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर नागरिक स्वस्थ रहे। इसके लिए स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ बनाने और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण इलाज पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के सभी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को जल्द ही कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी, जिसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मंत्री ने बताया कि गंभीर बीमारियों के इलाज को आसान बनाने के लिए राज्य में 25 नए डायलिसिस केंद्र स्थापित किए जाएंगे और आम लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए 50 जन औषधि केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। साथ ही रायपुर में प्रदेश का पहला होम्योपैथी कॉलेज खोला जाएगा और बिलासपुर में अत्याधुनिक स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि रायपुर में मध्य भारत का अत्याधुनिक कार्डियक इंस्टीट्यूट स्थापित करने की योजना है, जिससे हृदय रोगियों को उच्च स्तरीय उपचार प्रदेश में ही उपलब्ध हो सकेगा। सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में अधोसंरचना विकास के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे बाल हृदय उपचार सेवाएं और मजबूत होंगी। अंबिकापुर और धमतरी में जिला अस्पतालों के नए भवन बनाए जाएंगे, वहीं रायपुर के कालीबाड़ी क्षेत्र में 200 बिस्तरों वाला मातृ एवं शिशु चिकित्सालय तथा चिरमिरी में नया जिला अस्पताल बनाया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मानव संसाधन को मजबूत करने के उद्देश्य से दुर्ग, कोंडागांव, जशपुर और रायपुर में जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा रायपुर में मध्य भारत की सबसे आधुनिक इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला के निर्माण के लिए 95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके शुरू होने से दवाओं और खाद्य पदार्थों की जांच के लिए दिल्ली जैसे महानगरों पर निर्भरता खत्म हो जाएगी।
मंत्री ने बताया कि राज्य में एम्बुलेंस की कमी जल्द दूर की जाएगी। सभी जिलों के लिए 300 नई एम्बुलेंस की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा 70 वेंटिलेटर युक्त अत्याधुनिक एम्बुलेंस और नवजात शिशुओं के लिए 10 विशेष एम्बुलेंस भी जल्द खरीदी जाएंगी।
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े विस्तार की घोषणा की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संचालनालय चिकित्सा शिक्षा हेतु 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है। दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, जशपुर, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम में बनने वाले नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए 1,240 पद तथा संबंधित अस्पतालों के लिए 500 पद स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर के ट्रामा सेंटर भवन निर्माण और मेडिकल कॉलेजों में उपकरणों की खरीदी के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है।
मेडिकल छात्रों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर और जगदलपुर के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए 83 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रखी गई है।
आयुष विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 544 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसके तहत औषधियों और उपकरणों के लिए विशेष राशि का प्रावधान किया गया है। जनभागीदारी से 7 आयुर्वेद चिकित्सालय, 13 आयुष पॉलीक्लिनिक और 692 आयुष औषधालयों के उन्नयन की योजना बनाई गई है। रायपुर स्थित शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में छात्रावास और सेमिनार हॉल का भी निर्माण किया जाएगा।
अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के लिए 251 करोड़ 68 लाख 38 हजार रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के तहत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं दी जाएंगी। इसके अंतर्गत बिलासपुर में 500 सीटों वाला कन्या प्रयास आवासीय विद्यालय, रायपुर में 200 सीटों का पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, रायगढ़ और मनेन्द्रगढ़ में 100-100 सीटों के छात्रावास तथा जशपुर में प्री-मैट्रिक छात्रावास बनाए जाएंगे।
इसके साथ ही पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने हेतु सीजी-एसीई (CG-ACE) योजना के तहत उड़ान, शिखर और मंजिल जैसी नई योजनाएं शुरू की जाएंगी, जिनके लिए बजट में 9 करोड़ 63 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
विधानसभा में इस विषय पर हुई चर्चा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत सहित कई विधायकों ने भाग लिया और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सुझाव भी दिए।

