कोंडागांव,14 मार्च (आरएनएस)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार दिनांक 14.03.2026 को न्यायालय परिसर कोण्डागांव में आयोजित नेशनल लोक अदालत का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव किरण चतुर्वेदी के द्वारा मों सरस्वती के छाया चित्र पर दीप प्रज्वलित कर नेशनल लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया। तत्पश्चात नेशनल लोक अदालत में रखे गये लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये गए। जिला न्यायालय कोण्डागांव के न्यायालयों में 03 खण्डपीठ, तालुका विधिक सेवा समिति केशकाल के न्यायालय में 01 खण्डपीठ तथा तालुका विधिक सेवा समिति नारायणपुर के न्यायालय में 02 खण्डपीठ एवं राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु राजस्व न्यायालय कोण्डागांव एवं नारायणपुर में 01-01 खण्डपीठ, कुल-08 खण्डपीठ का गठन कर नेशनल लोक अदालत दिनांक 14 मार्च 2028 का आयोजन किया गया। उक्त नेशनल लोक अदालत में समस्त न्यायालयों द्वारा राजीनामा योग्य मामलों को आपसी राजीनामा से एवं समरी प्रकरणों का निराकरण किया गया एवं नगरपालिका, विद्युत विभाग, दूरसंचार विभाग, बीमा कंपनी एवं समस्त बैंकों द्वारा प्रीलिटीगेशन मामलों का आपसी समझौते के माध्यम से निराकरण किया गया। कोण्डागांव, केशकाल एवं नारायणपुर न्यायालय में बैंक रिकवरी के कुल 1958 प्रकरण निराकरण हुआ जिसमें कुल राशि रूपये 33,09,797/- अवार्ड प्राप्त हुआ। आपराधिक प्रकरण कुल 12 प्रकरण निराकृत हुए जिसमें कुल राशि रूपये 3,70,000/- अवार्ड प्राप्त हुआ। बिजली बिल के कुल प्रकरण 2678 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि रूपये 6,55,407/- अवार्ड प्राप्त हुआ। मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण 08 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि रूपये 2,14,80,000/- प्राप्त हुआ। चेक बाउंस के कुल प्रकरण 04 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि रूपये 3,83,500/- प्राप्त हुआ। अन्य सिविल के कुल प्रकरण 09 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि रूपये 1,39,52,403/- प्राप्त हुआ। ट्रॉफिक चालान के कुल प्रकरण 1566 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि रूपये 1,59,7000/- प्राप्त हुआ। राजस्व प्रकरण के कुल प्रकरण 4908 निराकृत हुए। नगर पालिका कोण्डागांव एवं नारायणपुर के कुल 850 निराकृत हुए जिसमें कुल राशि रूपये 3,62,000/- प्राप्त हुआ, वही दूरसंचार के कुल प्रकरण 97 निराकृत हुए। तथा अन्य मामलों के कुल 33 प्रकरण निराकृत हुए जिसमें कुल राशि रूपये 14,800/- प्राप्त हुआ।इस प्रकार समस्त न्यायालयों द्वारा/राजस्व न्यायालय के माध्यम से कुल 12123 प्रकरण का निराकरण किया गया जिसमें आपराधिक प्रकरण का समन शुल्क एवं सिविल प्रकरण का कुल राशि 4,06,67,607/- रूपये का अवार्ड पारित किया गया।उपरोक्त सभी खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारी, सदस्यगण, अधिवक्तागण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारीगणों के उपस्थिति व सहयोग से उपरोक्त सफलता प्राप्त की जा सकी। साथ ही जिला चिकित्सालय कोण्डागांव की टीम के द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया जिसमें दूर दराज से आये पक्षकारगण का स्वास्थ्य संबंधी समस्या के संबंध में बी.पी., सूगर जांच करके दवाईयों का वितरण किया गया। साथ ही अधिकार मित्रों के द्वारा पक्षकारों को शॉट विडियो दिखाकर प्रचार-प्रसार भी किया गया।इसी दौरान सभी खण्डपीठों के न्यायाधीशो ने प्रकरणों में समाधान प्राप्त करने वालों पक्षकारों को काजू, जामुन, आंवला, निबू इत्यादि पौधा भेंट कर सम्मानति किया गया। इस पहल का उद्देश्य न्याय के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्रोत्साहित करना था। इस पहलों के माध्यम से न्यायपालिका ने न केवल विवादों का समाधान किया बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का भी निर्वहन किया। साथ ही दूर-दराज गांव से आये पक्षकारों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई
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