वॉशिंगटन/तेहरान ,15 मार्च । पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सेंटकॉम ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ्यद्धड्डह्म्द्द ढ्ढह्यद्यड्डठ्ठस्र पर सटीक और व्यापक हमले किए हैं।
सेंटकॉम द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में रात के समय किए गए हमलों के दृश्य दिखाई दे रहे हैं, जिनमें धमाकों के बाद उठते धुएं के गुबार और आसमान में फैलता काला धुआं देखा जा सकता है। कमान के अनुसार यह अभियान ईरान के सैन्य ढांचे को कमजोर करने के उद्देश्य से चलाया गया।
अमेरिकी सेना के मुताबिक इस कार्रवाई के दौरान नौसैनिक खदानों के भंडारण स्थल, मिसाइल भंडारण बंकर और कई अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। सेंटकॉम ने दावा किया कि द्वीप पर स्थित 90 से अधिक ईरानी सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया, जबकि तेल से जुड़े महत्वपूर्ण ढांचे को जानबूझकर सुरक्षित रखा गया।
इसी बीच अमेरिका के सहयोगी ढ्ढह्यह्म्ड्डद्गद्य ने भी शनिवार को बताया कि उसने ञ्जद्गद्धह्म्ड्डठ्ठ में ईरान के प्रमुख अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र और वायु रक्षा प्रणालियों के निर्माण से जुड़े एक कारखाने पर हमले किए हैं। ढ्ढह्यह्म्ड्डद्गद्य ष्ठद्गद्घद्गठ्ठह्यद्ग स्नशह्म्ष्द्गह्य (आईडीएफ) के अनुसार यह केंद्र सैन्य उपग्रहों के विकास से जुड़ा था, जिनका उपयोग क्षेत्र में निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और लक्ष्य निर्धारण के लिए किया जाता था।
खारग द्वीप का रणनीतिक महत्व
विशेषज्ञों के अनुसार ्यद्धड्डह्म्द्द ढ्ढह्यद्यड्डठ्ठस्र उत्तरी क्कद्गह्म्ह्यद्बड्डठ्ठ त्रह्वद्यद्घ में स्थित ईरान का सबसे अहम तेल निर्यात केंद्र है। देश के कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा इसी द्वीप के माध्यम से होता है। यहां विशाल तेल भंडारण टैंक और सुपरटैंकरों के लिए बड़े लोडिंग टर्मिनल मौजूद हैं।
रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियां पश्चिम एशिया में पहले से जारी तनाव को और गहरा कर सकती हैं। फिलहाल ईरान की ओर से इन हमलों को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
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