अमानीगंज-अयोध्या 15 मार्च (आरएनएस)। क्षेत्र के सरौली गांव में चल रही श्री श्रीमद्भागवत कथा के षष्ठम दिवस कथाव्यास बद्री विशाल तिवारी ने रुक्मिणी मंगल प्रसंग सुनाया। रुक्मिणी मंगल प्रसंग के दौरान कथा स्थल पर श्री कृष्ण रुक्मिणी विवाह की सभी रस्में भजनों व झाकियों के माध्यम से दर्शाई गई। जिसका सभी भक्तों ने आनंद लिया। इस दौरान श्रद्धालु मंगल गीतों के साथ खूब थिरके। श्रद्धालुओं ने दोनों के पांव पखारकर भेंट चढ़ाई। कथा व्यास ने कहा कि रुक्मिणी साक्षात लक्ष्मी का अवतार थीं। वह मन ही मन श्री कृष्ण से विवाह करना चाहती थीं। उधर श्री कृष्ण भी जानते थे कि रुक्मिणी में कई गुण है। लेकिन रूकिमणी का भाई रूक्मी श्री कृष्ण से शत्रुता रखता था। अंतत: श्री कृष्ण ने रूक्मी को युद्ध में परास्त करके रुक्मिणी से विवाह किया। रूक्मिणी मंगल की कथा सुनकर श्रोता भावविभोर हो गये। मुख्य यजमान देवराजी विश्वकर्मा, नीरज पांडेय, सचिन मिश्रा, सौरभ शुक्ला, हेमचंद पांडेय, हर्षित सिंह, गोपी शंकर मिश्रा, ऋतुराज पांडे आदि श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया।

