सीएम ने डीए के भुकतान की घोषणा के साथ ही पुरोहितों व मुअज्जिनों का अनुदान बढ़ाया
कोलकाता 15 March, (Rns) । पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की तारीख की घोषणा से चंद घंटे पहले ही ममता सरकार ने बड़ी घोषणाओं को अंजाम देकर विपक्ष के लिए एक और चुनौती खड़ी कर दी। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार राज्य सरकार के कर्मचारियों को 2008 से बकाया महंगाई भत्ता (डीए) के भुगतान की घोषणा की। सीएम ममता ने बंगाल चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले मास्टर स्ट्रोक लगाते हुए मंदिर के पुरोहितों और मस्जिदों के मुअज्जिनों को मिलने वाले मासिक मानदेय में 500 की बढ़ोतरी कर दी। बता दे कि मुख्यमंत्री ने आज दोपहर को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक बयान पोस्ट करके यह घोषणा की। गौरतलब है कि यह घोषणा भारतीय चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल सहित चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के लिए मतदान तिथियों की घोषणा करने से ठीक एक घंटे पहले हुई। मुख्यमंत्री के बयान में कहा गया है, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हमारी मां-माटी-मानुष की सरकार ने अपने सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों, साथ ही हमारे शिक्षण संस्थानों के लाखों शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों, और पंचायतों, नगर निकायों और अन्य स्थानीय निकायों जैसे अनुदान प्राप्त संस्थानों के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से किए गए वादे को पूरा किया है। वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचनाओं में विस्तृत प्रक्रिया के अनुसार, उन्हें मार्च 2026 से आरओपीए 2009 के तहत महंगाई भत्ता (डीए) का बकाया मिलना शुरू हो जाएगा।” इस साल की शुरुआत में, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को 2008 से 2019 के बीच की अवधि के लिए महंगाई भत्ता (डीए) के बकाया का 25 प्रतिशत 31 मार्च तक भुगतान करने का निर्देश दिया था। अदालत ने राज्य सरकार को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार चरणबद्ध दृष्टिकोण अपनाने का भी निर्देश दिया, ताकि कर्मचारियों को दिए जाने वाले महंगाई भत्ते (डीए) को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के भुगतान के अनुरूप सुनिश्चित किया जा सके, साथ ही 2008 से जमा हुए बकाया का भी भुगतान किया जा सके। पश्चिम बंगाल में लंबित महंगाई भत्ता (डीए) को लेकर आंदोलन लंबे समय से जारी है। राज्य सरकार के कर्मचारी 2009 के वेतन ढांचे (आरओपीए 2009) के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता (डीए) और उस पर बकाया राशि की मांग कर रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में, राज्य सरकार के कर्मचारियों ने भी राज्य सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने में आनाकानी करने का आरोप लगाते हुए काम बंद कर दिया था। वहीं सीएम ममता बनर्जी के अनुसार पुरोहितों और मुअज्जिनों को दिए जाने वाले मासिक मानदेय में 500 की वृद्धि की गई है, , उन्हें अब प्रति माह 2,000 प्राप्त होंगे। साथ ही, पुरोहितों और मुअज्जिनों द्वारा विधिवत प्रस्तुत किए गए सभी नए आवेदनों को राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है। सीएम के अनुसार पुजारियों और मुअज्जिनों द्वारा पहले से जमा किए गए सभी नए आवेदनों को मंज़ूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि अब पुरोहितों और मुअज्जिनों को हर महीने 2000 मिलेंगे। बहरहाल जो भी हो मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य के वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचनाओं में उल्लिखित प्रक्रियाओं के अनुसार बकाया राशि जारी की जाएगी। इस निर्णय से राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के साथ-साथ शिक्षण संस्थानों में कार्यरत लाखों अध्यापन और गैर-अध्यापन कर्मचारियों को लाभ होगा।

