रांची 17 मार्च (आरएनएस)। लहू बोलेगा रक्तदान संगठन रांची द्वारा रक्त विकार रोग थैलेसीमिया/सिकल सेल एनीमिया/हीमोफीलिया/रोड़ एक्सीडेंट पीडि़तों के लिए तीन महीनें का विश्व महिला दिवस से विश्व रक्तदाता दिवस तक रक्तदान-महादान शिविर अभियान पखवाड़ा के तहत भारत सरकार का झारखंड में दिव्यंजनों पर कार्यरत संगठन समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केन्द्र (सी0आर0सी0), राँची और सदर अस्पताल रांची के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफल आयोजन हुआ। रक्तदान-महादान शिविर में पहला यूनिट रक्तदान सीआरसी रांची के निदेशक सूर्यमणि प्रसाद के द्वारा संपन्न हुआ,उसके बाद सीआरसी के अधिकारी एवं कर्मियों द्वारा रक्तदान हुआ।
इस शिविर में दान किए गए रक्त यूनिट्स का उपयोग विशेष रूप से थैलेसीमिया/सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित बच्चों के लिए किया जाएगा, जिसे क्रक्क2ष्ठ अधिनियम, 2016 के तहत दिव्यांगता के रूप में मान्यता प्राप्त है। शिविर में कुल लगभग 50 लोगों ने रक्तदान के प्रति रुचि दिखाई। हालांकि,चिकित्सकीय परीक्षण एवं अन्य कारणों से 17 कर्मियों एवं विद्यार्थियों द्वारा सफलतापूर्वक रक्तदान किया गया,(बाकि होमोग्लोबिन कम,कम वजन,मौसमी दवा सेवन,रेबीज सुई,हाई बीपी)इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और मानव सेवा के इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दिया। शिविर के दौरान सदर अस्पताल रांची की चिकित्सकीय टीम द्वारा सभी रक्तदाताओं का आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा सुरक्षित रक्त संग्रहण की प्रक्रिया अपनाई गई। इस अवसर पर सीआरसी रांची के निदेशक सूर्यमणि प्रसाद ने कहा, रक्तदान महादान है। यह न केवल किसी की जान बचाने का माध्यम है, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है। सीआरसी रांची भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें। इस कार्यक्रम में लहू बोलेगा रक्तदान संगठन रांची के रक्तवीर नदीम खान एवं दिव्यांग बच्चों के विशेष शिक्षक रक्तवीर पावेल कुमार की विशेष सहभागिता रही। थैलेसीमिया पीडि़तों के परिजन में लीला देवी,संजय महतो,सुरंजन बाडा शामिल थे। कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका आभार व्यक्त किया गया।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

