रायपुर 17 मार्च (आरएनएस) किताबें अब सिर्फ पन्नों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि हजारों युवाओं के सपनों को दिशा देने का माध्यम बन रही हैं। रायपुर में चल रही ‘स्मृति पुस्तकालय योजना’ जनभागीदारी की मिसाल बनते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है, जहां लोग स्वेच्छा से किताबें और संसाधन दान कर भविष्य गढ़ने में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में संचालित इस योजना के तहत अब तक 10 हजार से अधिक पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स एकत्र किए जा चुके हैं। इन संसाधनों का सीधा लाभ उन विद्यार्थियों को मिल रहा है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संसाधनों के अभाव से जूझते हैं।
इसी कड़ी में शासकीय महाविद्यालय भिलाई के पूर्व प्राचार्य किशोर कुमार अग्रवाल ने इतिहास, भौतिक शास्त्र और श्रीमद्भागवत गीता सहित 50 से अधिक पुस्तकें दान कर इस पहल को नई ऊर्जा दी। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उनके इस योगदान की सराहना करते हुए सम्मानित किया और कहा कि इस तरह के प्रयास प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए सफलता का रास्ता आसान बना रहे हैं।
श्री अग्रवाल ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से मिली और समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने की भावना से उन्होंने यह निर्णय लिया। उनका मानना है कि ये पुस्तकें जरूरतमंद छात्रों के लिए अवसर का दरवाजा खोलेंगी।
जिला प्रशासन ने भी आम नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की है, ताकि ज्ञान का यह कारवां और आगे बढ़ सके।
यह पहल साबित कर रही है कि जब समाज मिलकर आगे आता है, तो संसाधनों की कमी भी सपनों के रास्ते की बाधा नहीं बनती—बल्कि वही कमी एक नई शुरुआत की प्रेरणा बन जाती है।

