भोपाल 17 मार्च (आरएनएस)। सोशल मीडिया पर वायरल हुए फतवे को लेकर राजधानी में विवाद बढऩे के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी मंगलवार को शाहजहांनाबाद थाने पहुंची। कमेटी के पदाधिकारियों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि शहर काजी के खिलाफ लिए गए फतवे को सोशल नेटवर्क पर वायरल कर उनकी छवि धूमिल करने और शहर का माहौल बिगाडऩे की कोशिश की जा रही है। कमेटी ने इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कमेटी के अनुसार पीरगेट निवासी सैयद सोहेल अली ने 6 मार्च 2026 को दारुल इफ्ता जेर-ए-एहतमाम मसाजिद कमेटी भोपाल को आवेदन देकर शहर काजी के संबंध में एक बीमारी का हवाला देते हुए फतवा मांगा था। इसके जवाब में 10 मार्च 2026 को दारुल इफ्ता की ओर से फतवा जारी किया गया। इस पर मुफ्ती-ए-शहर अब्दुल कलाम, मुफ्ती रईस और मुफ्ती जसीम दाद के हस्ताक्षर हैं।
कमेटी का कहना है कि यह फतवा पिछले एक-दो दिनों से सोशल मीडिया पर चल रहा है, जिससे शहर काजी की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है। कमेटी ने आशंका जताई कि यह एक सोची-समझी साजिश हो सकती है, जिसका उद्देश्य शहर काजी को उनके पद से हटाना है। कमेटी ने ज्ञापन में कहा कि शहर काजी मुस्लिम समाज में सबसे बड़े धर्मगुरु के रूप में सम्मानित पद है। यदि कोई व्यक्ति बीमार भी हो तो उसकी बीमारी को इस तरह सार्वजनिक करना और बिना अनुमति उसकी व्यक्तिगत स्थिति को सामने लाना भी गंभीर विषय है। ऐसे में यह कृत्य समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
कमेटी ने कहा कि ईद का पर्व दो-तीन दिन बाद है और परंपरा के अनुसार शहर काजी ईदगाह में नमाज पढ़ाते हैं। ऐसे समय में अचानक इस तरह का फतवा सार्वजनिक मंचों पर वायरल होना कई सवाल खड़े करता है। इससे समाज में आक्रोश की स्थिति बन रही है और शहर का माहौल बिगडऩे की आशंका है।
कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद दानिश ने कहा कि फतवा मूल रूप से एक व्यक्तिगत दस्तावेज होता है, जिसे मांगने वाले को दिया जाता है, लेकिन उसका सोशल मीडिया पर वायरल होना कहीं न कहीं साजिश की ओर इशारा करता है। उन्होंने कहा, हमें लगता है कि कुछ लोग शहर काजी के खिलाफ माहौल बनाकर उन्हें पद से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए हम आज शाहजहांनाबाद थाने आए और आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया है।
कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि उन्होंने थाना प्रभारी को फतवे की प्रति भी सौंपी है और पूरे मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा फतवा देने वाले, फतवा लेने वाले और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले (तीनों) की जांच होनी चाहिए। ईद से चार दिन पहले इस तरह का फतवा वायरल कर शहर का माहौल बिगाडऩे की कोशिश की गई है। हम चाहते हैं कि तुरंत कार्रवाई हो और सच्चाई सामने आए।
शाहजहांनाबाद थाना प्रभारी यूपीएस चौहान ने बताया कि कमेटी की ओर से आवेदन दिया गया है, जिसमें फतवा जारी होने और उसके वायरल होने की शिकायत की गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि फतवा किसने वायरल किया। चौहान ने कहा कि ईद को लेकर पहले ही प्रशासन की बैठक शहर काह्लद्ध के साथ हो चुकी है और ईदगाह सहित अन्य स्थानों पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

