रायपुर 17 मार्च (आरएनएस)राजधानी रायपुर में मंगलवार को कांग्रेस ने बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन करते हुए विधानसभा का घेराव किया। हजारों कार्यकर्ता भारत माता चौक से विधानसभा की ओर कूच करते हुए सड़कों पर उतरे और मनरेगा, किसानों, महंगाई और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर लिया।
प्रदेशभर से जुटे कार्यकर्ताओं की भीड़ ने इस प्रदर्शन को ऐतिहासिक बना दिया। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शामिल हुए और मंच से सरकार पर तीखे हमले किए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसान, मजदूर और युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, जबकि सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है।
सभा को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि यह आंदोलन गरीब, मजदूर और कमजोर वर्ग की आवाज है। उन्होंने मनरेगा को कमजोर करने और किसानों के साथ धोखे का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की नीतियां आम जनता के खिलाफ हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे तो संघर्ष और तेज होगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि बिजली बिल में बढ़ोतरी, धान खरीदी में गड़बड़ी और बढ़ते अपराध से जनता त्रस्त है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में जनता बदलाव का फैसला करेगी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार पर किसान विरोधी और जनविरोधी होने का आरोप लगाया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने नशे के कारोबार, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और सरकार को घेरने की रणनीति साफ की।
यह घेराव केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक लड़ाई का संकेत भी माना जा रहा है। संदेश साफ है—सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव अब सड़कों पर खुलकर सामने आ चुका है।


