रायपुर, 18 मार्च 2026 (आरएनएस) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का ‘नालंदा लाइब्रेरी मॉडल’ अब दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल बनता नजर आ रहा है। मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने नालंदा परिसर लाइब्रेरी का दौरा कर न केवल इसकी सराहना की, बल्कि इसी तर्ज पर रीवा में लाइब्रेरी खोलने की घोषणा कर दी।
अपने प्रवास के दौरान श्री शुक्ल ने लाइब्रेरी के विभिन्न फ्लोर और व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने पुस्तक वितरण प्रणाली, अध्ययन के माहौल और न्यूनतम शुल्क में उपलब्ध सुविधाओं को प्रभावशाली बताया। उन्होंने कहा कि यह मॉडल युवाओं को सही दिशा देता है और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में मोड़ता है। बड़ी संख्या में यहां से प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो रहे युवाओं को उन्होंने देश-प्रदेश के भविष्य का आधार बताया।

इस मौके पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने स्पष्ट किया कि युवाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना की गई है, जहां 24 घंटे अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि डीएमएफ फंड और जनसहयोग से संचालित यह मॉडल अब विस्तार की ओर है और प्रदेश में राजधानी सहित 42 नई लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने लाइब्रेरी संचालन की व्यवस्था को सुव्यवस्थित बताते हुए कहा कि एकीकृत समिति के जरिए सभी लाइब्रेरियों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि यहां से हर साल यूपीएससी और सीजीपीएससी जैसी परीक्षाओं में चयन हो रहा है, जो इसकी सफलता का प्रमाण है। बीपीएल और सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम शुल्क व्यवस्था इसे और अधिक समावेशी बनाती है।
कुल मिलाकर, रायपुर का नालंदा मॉडल अब शिक्षा के क्षेत्र में एक सफल प्रयोग से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्तर पर प्रेरणा बनता दिख रहा है। अगर इसी तरह विस्तार हुआ, तो यह पहल देशभर के युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।

