0-सरकार द्वारा पर्यावरण की संरक्षण के लिए उठाए जा रहे है महत्वपूर्ण कदम : ओपी चौधरी
0-बालको, एनटीपीसी और कोल माइंस द्वारा उत्पन्न खतरनाक अपशिष्ट का मामला उठाया महंत ने
रायपुर, 20 मार्च (आरएनएस)। विधानसभा में आज नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में उद्योगों द्वारा खतरनाक अपशिष्ट उत्पन्न करने से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा विपरीत असर को लेकर पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी को घेरा।
पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि राज्य में जल एवं वायु प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों में ऑनलाइन सिस्टम के स्थापना की गई है। भविष्य में लघु, मध्यम एवं बड़े उद्योगों द्वारा औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए पर्यावरण संरक्षण मंडल के कार्यालय विभिन्न जिलों में खोले गए हैं।
विधानसभा में आज नेता प्रतिपक्ष ने विभिन्न जिलों में स्थापित औद्योगिक उद्योगों द्वारा पर्यावरण को खतरा पहुंचाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा प्रदूषण फैलाने वाले औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई कर रहे हैं। इससे स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि कुल 665 औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं, इनमें से वर्ष 2024 से लेकर 2026 तक 19 उद्योगों में ऑनलाइन एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम की स्थापना की गई है, यह सिस्टम उद्योगों द्वारा स्वयं लगाया गया है। इसको लेकर कई शिकायतें प्राप्त हो रही है। उद्योगपति चिमनियों से धुआ फैला रहे हैं, लेकिन बिजली को बंद कर देते, जिससे यह पता नहीं चलता की कितना धुंआ फैला रहे है।
पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि चांपा, जांजगीर, कोरबा, रायगढ़ में उद्योगों द्वारा प्रदूषण फैलाने की निरंतर शिकायत आ रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। हमने जिले में रिजनल आफसर बिठाया है, जो कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कड़ी कार्रवही कर रह हैं।
मंडल के अधिकारी कमंडल लेकर बैठे हैं : नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि पर्यावरण मंडल के अधिकारी कमंडल लेकर बैठे है, जब भी वे जांच के लिए जाते हैं, कोलवासरी बंद रहती है तथा उद्योगों में अर्जेसमेंट हो जाता है। उन्होंने कहा कि कोरबा एनटीपीसी, बालको तथा कोयला खदानों से जो राखड़ निकलती है, उससे लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि बालाकों से 4 खरतनाक अवयव उत्पन्न होते है, जिससे स्वास्थ्य पर खतरनाक असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि कोयला का राखड़ इसमें नहीं आता है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर कार्यवाही करने के लिए वचनबद्ध है।
कांग्रेस के राघवेन्द्र सिंह ने भी जांपा-चांजगीर में उद्योगों द्वारा प्रदूषण फैलाए जाने पर वायु में परत प्रदूषण पर चिंता जाहिर की। इस पर सरकार को उचित कार्यवाही करने की मांग की। इसमें 30 मिनट से अधिक समय तक चर्चा हुई। सभापति धरमलाल कौशिक ने कहा कि आप लोग बैठकर और आपस में चर्चा कर ले।
आर. शर्मा
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