भिलाई, 20 मार्च (आरएनएस)। गुरुवार को विश्व गौरेया दिवस बीस मार्च 2026 इस दिन को मनाने का उद्देश्य गौरेया और अन्य सामान्य पक्षियों की घटती संख्या के प्रति जागरूकता बढ़ावा और उनके संरक्षण के लिए प्रयास करना पर्यावरण प्रकृती प्रेमी पंछी प्रेमी प्रशांत कुमार क्षीरसागर विचार साझा करते बताया है। 20 मार्च को विश्व गौरेया दिवस पर पर्यावरण प्रकृति प्रेमी प्रशांत कुमार क्षीरसागर ने अपने परिवार व मित्रों के साथ मिलकर गौरेया के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरुक किया।
पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है गौरेया बीस मार्च 2026
विश्व गौरैया दिवस की थीम है जिसके लिये छोटे नन्हे गोरिया को बचाना है अपने भविष्य को बचाना है सभी लोगो को गोरया बचाने के लिए प्रेरित करना है प्रचार प्रसार करना है सभी नागरिको पंछी प्रेमी से अनुरोध है हर हर एक कोणा छोटीसी चिरैया गोरया आप सभी हर घर में हे कोणा दिजीये दाणापाणी का इंतजाम रखे पाणी का इंतजाम रखे गोरया पंछी का जीवन बचाना है हम सब मिल कर जिम्मेदारी ले प्रकृति के नन्हे दूतों को सम्मान यह थीम पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में गौरैया की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है और संरक्षण प्रयासों को प्रोत्साहित करता है। गौरैया पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विश्व गौरैया दिवस हमें इन नन्हें पडिय़ों के संरक्षण के प्रति जागरूक करता है, जो हमारे पर्यावरण और जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
विश्व गारया दिवस पर पाक्षया का घटता संख्या के प्रति किया जागरूक, बांटे सकोरे
गौरैया दिवस का महत्व
प्रशांत ने दोनों को जागरुक करते हुए कहा कि शहरीकरण, प्रदूषण, आवास की कनी, कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग और भोजन की कमी के कारण गौरैया की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। गौरैया पारिस्थितिकी तंत्र में चोट नियंत्रण, परागण और बीज प्रसार के महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए, उनके संरक्षण से जैव
अभियान का बने हिस्सा
गौरेया संरक्षण के इस अभियान पर पर्यावरण पछी प्रेमी प्रशात कुमार शिरसागर, ओम क्षीरसागर, पियुष क्षीरसागर, सिद्धांत क्षीरसागर, राहुल बौसाइ, आदित्य नारायण शर्मा, मृणाल दता, योगेश उषा क्षीरसागर प्रांजली क्षीरसागर ने बढ़कर हिस्सा लिया।
विविधता और पर्यावरण संतुलन बनार रखते में मदद मिलती है। प्रशांत ने, अपने वेचार साझा करते हुए बताया कि गौरेया को संरक्षित करने जगह-जगह घे. घोसला और फिडर लगाये। घरों में लकड़ी और छोटे घोसले और पानी के पात्र रहते है। इसके लिए अधिक से अधिक वृक्षों का संरक्षण और पौधरोपण कर उसे संरक्षित करें। इस दिसा में जन जागृती अभियान चलाकर लोगे को गोरिया के प्रति और उनके संरक्षण के बारे में चताना हम सबकी जिम्मेदारी है।पर्यावरण पंछी प्रेमी समाजसेवी प्रशांत कुमार क्षीरसागर अपने विचार साझा करते हुए बताया थीम के बारे मे विश्व गोरया दिवस
20 मार्च 2026 को मनाए जाने वाले विश्व गौरैया दिवस का मुख्य उद्देश्य गौरैया के संरक्षण और उनकी घटती आबादी के बारे में जागरूकता बढ़ाना है, जिसके लिए छोटे पक्षियों को बचाना, अपने भविष्य को बचाना जैसी थीम पर जोर दिया जाता है यह दिन शहरीकरण के बीच इन नन्हे पक्षियों को बचाने के लिए लोगों को प्रेरित करता है। सभी नागरिक से अनुरोध है हर हर घर घर एक कोणा छोटी सी चिरैया चिडिया आप अवश्य दे दाना पानी का इंतजाम रखे उनका जीवन बचाये
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