रायपुर 21 मार्च (आरएनएस) अप्रैल की शुरुआत के साथ ही दुर्ग–रायपुर के बीच रोजाना सफर करने वालों के लिए बड़ी चुनौती सामने आने वाली है। राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर कुम्हारी टोल के पास खारून नदी पर बने प्रमुख पुल को 1 अप्रैल 2026 से मरम्मत के लिए बंद किया जा रहा है। करीब एक महीने तक चलने वाले इस काम के दौरान ट्रैफिक पूरी तरह प्रभावित रहेगा, जिससे रोजाना लाखों लोगों की आवाजाही पर असर पड़ना तय है।
यह पुल दुर्ग और रायपुर को जोड़ने वाला सबसे व्यस्त मार्ग है, जहां प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में पुल बंद होने से दोनों ओर लंबा जाम लगने की आशंका है। इसे देखते हुए पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पहले से तैयारी करते हुए विस्तृत डायवर्सन प्लान लागू किया है। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित किया है ताकि ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके।
दुर्ग, भिलाई और आसपास के इलाकों से रायपुर आने वाले वाहन चालकों को अब अलग-अलग मार्गों से होकर गुजरना होगा। एयरपोर्ट, नया रायपुर या अभनपुर जाने वालों को पाटन होकर जाना होगा, जबकि भिलाई और रिसाली से आने वाले वाहन अमलेश्वर की ओर डायवर्ट किए जाएंगे। इसी तरह कुम्हारी और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों के लिए भी अलग रूट तय किए गए हैं।

सबसे अहम बदलाव यह है कि खारून ब्रिज पर सीमित वन-वे ट्रैफिक ही संचालित किया जाएगा। चंदनीडीह से कुम्हारी टोल तक और कुम्हारी से चंदनीडीह के बीच सिंगल लेन पर एकतरफा यातायात रहेगा, जहां ओवरटेकिंग पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। जरा सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए पुलिस ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
रायपुर पुलिस के एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लोगों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। साथ ही उन्होंने अपील की है कि जरूरी काम से निकलने वाले लोग अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें, खासकर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या परीक्षा केंद्र जाने वालों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।
एक महीने तक चलने वाला यह ट्रैफिक बदलाव आम लोगों की दिनचर्या को जरूर प्रभावित करेगा, लेकिन यह अस्थायी परेशानी भविष्य में सुरक्षित और बेहतर सफर की गारंटी भी बनेगी। ऐसे में जरूरी है कि वाहन चालक धैर्य रखें, नियमों का पालन करें और प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह सहयोग करें—तभी इस चुनौती से आसानी से पार पाया जा सकेगा।

