हरिद्वार,21 मार्च (आरएनएस)। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन हरिद्वार के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि मांगी। शनिवार सुबह ही हरकी पैड़ी, मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर में लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालु गंगा स्नान के बाद माता के मंदिरों में पहुंचे और पूजा-अर्चना में लीन रहे। इस दौरान माता के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। मान्यता है कि मां चंद्रघंटा की पूजा से जीवन से भय और बाधाएं दूर होती हैं। भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। प्रमुख मंदिरों और गंगाघाट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी भी की गई।मां भगवती के हर स्वरूप की पूजा का आह्वानअखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि नवरात्र का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा की आराधना को समर्पित है। माता भक्तों को शक्ति, साहस और करुणा प्रदान करती हैं। मां चंद्रघंटा की आराधना से जीवन से भय, नकारात्मकता और अशांति दूर होती है। उन्होंने आह्वान किया कि नवरात्र में मां भगवती के हर स्वरूप की पूजा करें।शक्ति की अवतार हैं मां जगदंबा: स्वामी कैलाशानंदनिरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने नीलधारा तट स्थित श्री दक्षिण काली मंदिर में नवरात्र पूजन कर लोक कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि नवरात्र मां भगवती की आराधना का पर्व है। मां जगदंबा शक्ति की अवतार हैं और नवरात्र में साधना से अपार कृपा मिलती है। इस अवसर पर श्रीमहंत रविंद्रपुरी, स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी, स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी, बाल मुकुंदानंद ब्रह्मचारी, आचार्य पवनदत्त मिश्र, पंडित प्रमोद पांडे, स्वामी विवेकानंद ब्रह्मचारी, लाल बाबा, स्वामी रघुवीरानंद और स्वामी अनुरागी मौजू रहे।
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