रायपुर 21 मार्च (आरएनएस) नवा रायपुर में निर्माण कार्य के लिए भेजे गए टीएमटी सरिया की खेप से 10 मैट्रिक टन माल गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ट्रांसपोर्टर, वाहन चालक और कबाड़ी की मिलीभगत से करीब 6.90 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया, जिसका पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
रायपुर ग्रामीण पुलिस ने एक सुनियोजित ठगी का भंडाफोड़ किया है, जिसमें ट्रेलर में लोड सरिया को रास्ते में ही हेरफेर कर गायब कर दिया गया। मामला उस समय उजागर हुआ जब मेसर्स श्रीजीकृपा प्रोजेक्ट लिमिटेड के मैनेजर ने थाना मंदिर हसौद में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि नवा रायपुर सेक्टर-16 में बन रहे महिला हॉस्टल के लिए मंगाए गए टीएमटी सरिया में भारी कमी पाई गई।
पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 148/26 के तहत धारा 318(4), 61 एवं 112 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अपराध दर्ज किया है।
जांच में सामने आया कि ट्रांसपोर्टर, वाहन चालक और कबाड़ी संचालक ने मिलकर ट्रेलर के डाले में हेरफेर कर करीब 10 मैट्रिक टन सरिया निकाल लिया और उसकी जगह अन्य सामग्री भर दी। इस पूरी साजिश के जरिए करीब 6 लाख 90 हजार रुपये की ठगी की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्वेता सिन्हा श्रीवास्तव ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। थाना मंदिर हसौद पुलिस ने जांच शुरू करते हुए सबसे पहले वाहन मालिक और चालक तक पहुंच बनाई। कड़ी पूछताछ में चालक ने कबूल किया कि उसने अपने मालिक और एक कबाड़ी के साथ मिलकर सरिया को गोंदवारा स्थित कबाड़ी के यहां उतार दिया था।
इसके बाद पुलिस टीम ने अशोक विहार स्थित कबाड़ी रूपेश सिंह को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की गई सरिया, पिग आयरन के टुकड़े, दो क्रेन और वेट मशीनें भी बरामद की हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में अशोक विहार निवासी 48 वर्षीय ट्रांसपोर्टर राजू सिंह, गोगांव मंदिर गुढ़ियारी निवासी 37 वर्षीय वाहन चालक चुम्मन साहू तथा सीता नगर गोगांव निवासी 34 वर्षीय कबाड़ी संचालक रूपेश सिंह शामिल हैं। तीनों आरोपियों की भूमिकाएं स्पष्ट रूप से सामने आई हैं, जिसमें ट्रांसपोर्टर ने पूरी साजिश रची, चालक ने माल की हेराफेरी की और कबाड़ी ने चोरी का सरिया खपाने में अहम भूमिका निभाई।
तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है और पुलिस आगे भी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जांच कर रही है।


