लखनऊ 23 मार्च (आरएनएस )। प्रदेश की मंत्रिपरिषद ने राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाने, ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, शहरी विकास को गति देने तथा किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की है। इन निर्णयों से प्रदेश में निवेश के नए अवसर सृजित होने, रोजगार के साधनों में वृद्धि होने तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई है।मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में आधुनिक औद्योगिक ढांचा विकसित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश निजी बिजऩेस पार्क विकास योजना-2025 को स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं से युक्त अत्याधुनिक बिजऩेस पार्क विकसित किए जाएंगे, जहां वैश्विक कंपनियों के कार्यालय, अनुसंधान एवं विकास केंद्र तथा वैश्विक क्षमता केंद्र स्थापित किए जा सकेंगे। इस योजना से प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के विकास को नई गति प्राप्त होगी।इसी क्रम में अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत गंगा एक्सप्रेसवे के समीप जनपद सम्भल में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर के विकास कार्यों को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के लिए 24542.56 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसके माध्यम से सड़क, जलापूर्ति, विद्युत आपूर्ति तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। इससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।राजधानी लखनऊ में वृन्दावन योजना सेक्टर-15 में प्रस्तावित इंटरनेशनल एग्जीबिशन-सह-कन्वेंशन सेंटर की पुनरीक्षित लागत 1435.25 करोड़ रुपये को भी मंत्रिपरिषद ने स्वीकृति प्रदान की है। इस कन्वेंशन सेंटर में लगभग 10 हजार व्यक्तियों की क्षमता का कन्वेंशन हॉल तथा 2500 व्यक्तियों की क्षमता का आधुनिक ऑडिटोरियम विकसित किया जाएगा। इसके निर्माण से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन लखनऊ में संभव हो सकेंगे, जिससे पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लखनऊ स्थित ऐतिहासिक भवन रोशन-उद-दौला तथा छतर मंजिल को सार्वजनिक-निजी सहभागिता मॉडल के माध्यम से हेरिटेज पर्यटन इकाइयों के रूप में विकसित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इन भवनों की भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित किए जाने से इन स्थलों का संरक्षण और उपयोग बेहतर ढंग से किया जा सकेगा।कृषि क्षेत्र में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं खरीद नीति को भी मंजूरी प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत 2585 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद 25 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक की जाएगी। किसानों को गेहूं खरीद का भुगतान अधिकतम 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को समय पर भुगतान प्राप्त हो सके।ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नेयवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड को आवंटित पछवारा साउथ कोल ब्लॉक के विकास के लिए 2242.90 करोड़ रुपये की लागत को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से प्रदेश में सस्ती और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होने की संभावना है, जिससे औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिए चिलुआताल में 20 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया है। इस परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 33.29 मिलियन यूनिट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन होने की संभावना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होगी।जल संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सेफ रि-यूज ट्रीटेड वाटर नीति-2026 को लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस नीति के माध्यम से शोधित जल का पुन: उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे भूजल पर निर्भरता कम होगी और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।परिवहन एवं आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें लखनऊ-हरदोई मार्ग पर दुबग्गा चौराहे पर लगभग 1811.72 मीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण, सिद्धार्थनगर में बर्डपुर-पिपरहवा मार्ग का चार लेन में चौड़ीकरण, बलरामपुर में रेलवे उपरिगामी सेतु का निर्माण तथा लखीमपुर खीरी में शारदा नदी पर सेतु निर्माण जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं से यातायात सुगम होगा तथा क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।शहरी विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से नवयुग पालिका योजना को भी मंजूरी दी गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 58 जिला मुख्यालयों के नगरीय निकायों में आगामी पांच वर्षों के दौरान कुल 2916 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे। इससे नगरीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।इसके अतिरिक्त ग्रेटर नोएडा में 174.12 एकड़ भूमि पर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना, बागपत में चीनी मिल की क्षमता वृद्धि, ललितपुर में क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माण हेतु भूमि आवंटन तथा सम्भल में वंशगोपाल तीर्थ परिक्रमा मार्ग के निर्माण जैसे कई अन्य प्रस्तावों को भी मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।मंत्रिपरिषद के इन व्यापक निर्णयों से प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने, निवेश का वातावरण मजबूत होने, आधारभूत संरचना का विस्तार होने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई गई है। साथ ही इन योजनाओं के माध्यम से किसानों, उद्योगों और आम नागरिकों को सीधे लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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