लखनऊ 23 मार्च (आरएनएस )। समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती सोमवार को राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश भर के जिलों तथा अन्य राज्यों में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। राजधानी लखनऊ में मुख्य कार्यक्रम गोमतीनगर स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया पार्क में आयोजित किया गया।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लोहिया पार्क पहुंचकर डॉ. राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें नमन किया। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अभिषेक मिश्र, संजय लाठर, रविदास मेहरोत्रा, अरमान खान समेत अन्य नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भी पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया ने गरीबों, पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों, आदिवासियों और महिलाओं के हक और सम्मान की लड़ाई लडऩे के लिए समाजवादी आंदोलन को दिशा दी। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को भी इस अवसर पर याद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह समाजवादी विचारधारा से प्रेरित थे और डॉ. राम मनोहर लोहिया ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान के आधार पर समाजवादी विचारों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाया।अखिलेश यादव ने कहा कि डॉ. लोहिया के समाजवादी विचारों पर चलकर ही देश की बड़ी आबादी, विशेषकर किसान, नौजवान, महिलाएं और गरीब वर्ग को खुशहाली के रास्ते पर लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण अमीर और गरीब के बीच खाई लगातार बढ़ती जा रही है और हर स्तर पर भेदभाव बढ़ा है। इस खाई को समाप्त करने के लिए समाजवादी विचारधारा ही प्रभावी मार्ग है। उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया ने सप्तक्रांति का आह्वान कर हर प्रकार के भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया था और समाजवादी कार्यकर्ता उसी दिशा में कार्य कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को नेता जी मुलायम सिंह यादव के संघर्षों से मजबूती मिली और पार्टी के कार्यकर्ता डॉ. लोहिया की जयंती पर समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने तथा गरीब, किसान, मजदूर और महिलाओं को सम्मान दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लेते हैं।अखिलेश यादव ने महंगाई के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में बढ़ती महंगाई का मुख्य कारण मुनाफाखोरी और भ्रष्टाचार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने करीबी उद्योगपतियों और व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए मुनाफाखोरी को बढ़ावा दे रही है, जिसके कारण आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ. लोहिया का सिद्धांत था कि अत्यधिक मुनाफा कमाना भी भ्रष्टाचार का एक रूप है।उन्होंने जातीय जनगणना की मांग दोहराते हुए कहा कि देश में सभी जातियों को उनकी आबादी के अनुसार अधिकार मिलना चाहिए। उनका कहना था कि सरकार जातीय जनगणना को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं ले रही है, जिससे पिछड़े और दलित वर्गों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना होने से सभी वर्गों की वास्तविक संख्या सामने आएगी और समाज में भेदभाव समाप्त करने में मदद मिलेगी।इस अवसर पर विधायक रविदास मेहरोत्रा ने डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में स्थापित डॉ. राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में प्रदेश और महानगर के अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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