पाटेश्वरी प्रसाद
बाराबंकी 24 मार्च (आरएनएस)। लंबी कवायदों के बाद भाजपा की जिला कार्यकारिणी पर मुहर लग गई। संगठन विस्तार पर शीर्ष नेतृत्व की मुहर लगते ही भारतीय जनता पार्टी की घोषित जिला कार्यकारिणी को लेकर पार्टी के अंदर असंतोष के स्वर उभरने लगे हैं। खासतौर पर पार्टी संगठन के कुछ पुराने कद्दावर नेताओं को अपेक्षाकृत कम प्रतिनिधित्व मिलने से नाराजगी सामने आई है, जिसके चलते संगठन में गुटबाजी के भी संकेत मिल रहे हैं। पार्टी के कई कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं का मानना है कि इस बार कार्यकारिणी गठन में सामाजिक संतुलन पूरी तरह नहीं साधा गया है। इससे कुछ वर्गों में उपेक्षा की भावना पनप रही है। इसी असंतोष को दूर करने के लिए पार्टी के शीर्ष नेताओं ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों को रूठों को मनाने के निर्देश दिए हैं ताकि आने वाले चुनाव पर इसका विपरीत असर न पड़े। विदित हो कि बीते 22 मार्च को भारतीय जनता पार्टी की जिला इकाई की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष की संस्तुति के बाद जारी सूची में संगठन के विभिन्न पदों पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई टीम के गठन से एक ओर जहां संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर संगठन के कुछ पूर्व पदाधिकारियों व वरिष्ठ नेताओं को नई कार्यकारिणी में अपेक्षाकृत कम प्रतिनिधित्व दिया गया है। जिसके बाद कुछ ने तो पद से इस्तीफा तक देने की पेशकश कर दी है। वहीं कुछ बंद जुबान में एक वर्ग विशेष को अहम जिम्मेदारी देने की बात करके अपना विरोध जता रहे है। बहरहाल, भाजपा जिलाध्यक्ष राम सिंह वर्मा की नई टीम में आठ जिला उपाध्यक्ष, तीन जिला महामंत्री, आठ जिला मंत्री के अलावा अन्य पदों की कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई। खास बात यह रही कि महिलाओं और युवा कार्यकर्ताओं पर प्रदेश संगठन ने भरोसा जताया। सोशल मीडिया पर भाजपा की नई टीम की चर्चा और विरोध जोरों पर है। भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रोहित सिंह ने सबसे ज्यादा नई टीम को विरोध किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा, भारतीय जनता पार्टी जनपद बाराबंकी की नई कार्यकारिणी पदाधिकारियो की सूची जारी हुई है जिसमें मुझे जिला संयोजक सोशल मीडिया बनाया गया है। मैं इतने बड़े पद को संभालने में असमर्थ हूं मैं इस पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देता हूं। मेरे बाबा स्वव केदार बक्श सिंह जी ने हमेशा यही बताते रहते थे सम्मान से बढ़कर कुछ नहीं है। मै इतने बड़े संगठन का कार्यकर्ता हूं यही मेरे लिए गर्व की बात है मैंने हमेशा कार्यकर्ता बनकर ही काम किया है और आगे भी कार्यकर्ता के रूप में काम करूंगा। यही नहीं कई ऐसे बड़े नाम हैं जोकि प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी रह चुके हैं उन्हें भी संगठन का सदस्य या विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया है। जिसके चलते वह सभी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष तौर पर पार्टी की जिला कार्यकारिणी को लेकर नाराजगी व्यक्त कर रहे है। जिसे पार्टी के शीर्ष नेताओं को भी अवगत कराया गया। वहीं कुछेक वरिष्ठ नेता व्यक्तिगत स्तर पर बातचीत कर कार्यकर्ताओं को मनाने में जुटे हैं, ताकि संगठन में एकजुटता बनी रहे। पार्टी सूत्रों की मानें तो, पार्टी नेतृत्व भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही संतुलन बनाने के लिए कुछ और जिम्मेदारियां देने पर विचार किया जा सकता है। वहीं, कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि समय रहते यदि नाराजगी दूर नहीं की गई तो इसका असर आगामी चुनावों में देखने को मिल सकता है। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का दावा है कि संगठन पूरी तरह मजबूत है और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए हर संभव समाधान निकाला जाएगा। फिलहाल, भाजपा में अंदरूनी हलचल तेज है और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नेतृत्व किस तरह संतुलन बनाकर संगठन को एकजुट रखता है। इस संबंध में पार्टी जिलाध्यक्ष राम सिंह वर्मा का कहना है कि जिला कार्यकारिणी में सभी वर्गों व समाज का ध्यान रखा गया है। जो असंतुष्ट हैं, उन सभी को पार्टी की नीतियों के तहत मना लिया जाएगा।
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