रुड़की,24 मार्च (आरएनएस)। क्षेत्र में संकट केवल पेट्रोल पंपों तक सीमित नहीं है, बल्कि रसोई गैस को लेकर भी मारामारी शुरू हो गई है। कस्बे की गैस एजेंसियों पर सिलेंडरों की भारी कमी देखी जा रही है, जिसके कारण उपभोक्ताओं के चूल्हे ठंडे पडऩे की नौबत आ गई है। गैस एजेंसियो पर उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारे देखने को मिल रही है। मंगलौर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस की बुकिंग कराए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन एजेंसियों से ‘स्टॉक न होने’ की बात कहकर उन्हें वापस लौटा दिया जा रहा है। जो सिलेंडर पहले 24 से 48 घंटों में मिल जाते थे, उनके लिए अब हफ़्तों इंतज़ार करना पड़ रहा है।
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