लखनऊ,( आरएनएस ) 24 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि चालू वित्तीय वर्ष हेतु सभी मदों में आवंटित धनराशि का 28 मार्च तक शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी दशा में बजट समर्पण न किया जाए तथा आवंटित बजट का एक भी रुपया अव्ययित न रहने पाए। किसी भी प्रकार की बजट संबंधी या अन्य पत्रावली पटल पर लंबित न रहे और उनका त्वरित निस्तारण किया जाए। जिन योजनाओं या कार्यों का भुगतान लंबित है, उसे तत्काल पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण न करने अथवा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।मंत्री ने निर्देश दिए कि निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किया जाए और कार्य समाप्ति के उपरांत संबंधित योजना का उपयोगिता प्रमाण पत्र शीघ्र प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए तथा समय पर धनराशि आवंटित कर उसका समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की जा रही है, इसलिए इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। गौशालाओं में निराश्रित गोवंश को गर्मी एवं लू से बचाने के लिए स्वच्छ पेयजल, चारा तथा तिरपाल आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रदेश में नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम तथा लघु पशुपालन जैसी लाभार्थीपरक योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे किसानों, पशुपालकों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके और स्वरोजगार के अवसर बढ़ सकें।बैठक में अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने मंत्री को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न योजनाओं में बजट आवंटन तथा वित्तीय स्वीकृतियों का कार्य समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए और आवंटित बजट के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृतियां समय से निर्गत कर धनराशि का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।बैठक में निदेशक प्रशासन एवं विकास डॉ. मेमपाल सिंह, निदेशक रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र डॉ. राजेन्द्र प्रसाद सहित पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के मुख्यालय तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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