नहीं दी मजदूरी सामान भी रख लिया, चोरी का लगाया आरोप
गोंडवा चौकी पुलिस में हुई घटना की जाँच करेंगे सीओ
सुलतानपुर 25 मार्च (आरएनएस)। पुलिस व दबंग के गठजोड़ का नायाब उदाहरण कोतवाली नगर की गोंडवा चौकी में गत दिनों देखने को मिला जहाँ मकान मालिक, चौकी इंचार्ज और सिपाहियों ने मजदूरी मांगने पर चार लोगों को बंधक बना कर पीटा और चोरी का आरोप लगा जबरन समझौता भी लिखवा लिया। मजदूरी नहीं दी लाखों का सामान भी वापस नहीं कर रहें हैं। भयभीत पीडि़तों ने बीस दिन बाद आपबीती एसपी को सुनाई तो उन्होंने प्रकरण की जाँच सीओ को सौंपी हैं।
धम्मौर थाना क्षेत्र के जोले उफऱ् ज्वाला प्रसाद ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में लिखा हैं कि वह पीओपी का काम करता हैं. ऐजर के मोती राम पुरवा निवासी प्रशांत तिवारी ने नगर कोतवाली के पलहीपुर गांव में मकान बनवाया हैं जहाँ उनसे पीओपी करने का तीन लाख रूपये में ठेका दिया। करीब दो तिहायी काम होने पर प्रशांत ने 110000 रूपये का भुगतान किया लेकिन 90000 बकाया नहीं दे रहें हैं। ज्वाला ने कहा कि पैसे न देने पर काम नहीं करेंगे क्यूंकि लेबर को भुगतान करना होता हैं। ज्वाला का आरोप हैं कि सात मार्च को दिन में इसी बात को लेकर प्रशांत ने उसे और उसके मजदूर लक्ष्मण, मुकेश, रमेश को कमरे में बन्द कर दिया तथा शिवम दूबे रबिन्द्र तिवारी के साथ मिलकर लात मुका डंडे से मारा कहा कि उनके घर से बिजली का तार चोरी हुआ है जिसकी जिम्मेदारी तुंहारी हैं. वे लोग उन लोगों को गोंडवा पुलिस चौकी ले गए जहाँ इंचार्ज विनोद पटेल और सिपाहियों ने भी मारा और वहीं चोरी हुए बिजली तार का पैसा देने का जबरन सुलहनामा भी लिखवा लिया. वे लोग उनका पटरा बल्ली मशीन फरमा भी रख लिए हैं। पुलिस के सहयोग से हुई दबंगई की घटना से भयभीत मजदूरों ने बीस दिन बाद हिम्मत करके एसपी से बुधवार को शिकायत की। जिस पर उन्होने पूरे प्रकरण की जाँच क्षेत्राधिकारी नगर को सौंपी हैं।
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