नवाबगंज (गोण्डा)25 मार्च। क्षेत्र के लौवावीरपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास पंडित मनीष चंद्र त्रिपाठी ने अपने ओजस्वी प्रवचन में भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि जब इंद्र देवता अपने अहंकार में चूर हो गए, तब उन्होंने ब्रज में भयंकर वर्षा कर विनाश मचाने का प्रयास किया। ऐसी स्थिति में भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सात दिनों तक ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र के अभिमान को चूर कर दिया।
उन्होंने कहा कि भगवान की यह लीला हमें सिखाती है कि अहंकार का अंत निश्चित है और सच्ची भक्ति ही जीवन को सुरक्षित और सफल बनाती है। कथा के दौरान माखन चोरी, कालिया नाग दमन और गोपी चीर हरण जैसे प्रसंगों का भी अत्यंत मार्मिक एवं रोचक शैली में वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में भक्ति रस की धारा बहती रही। कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी तरबगंज विश्वामित्र सिंह, हृदयराम तिवारी, पंकज मिश्र, शरद पांडेय, भाईजी पांडेय, बृजेन्द्रनाथ सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। अंत में सभी ने भगवान के जयकारों के साथ कथा का श्रवण कर पुण्य अर्जित किया।
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