पहल के मनीष मिश्रा ने लाभार्थी महिलाओं में वितरित किया धनराशि
बस्ती 25 मार्च (आरएनएस)। ‘राम जी का पेड़ाÓ योजना की पहल को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है और अब तक इसके लिए 12,31,000 (बारह लाख इकतीस हजार रुपये) के आर्डर प्राप्त हो चुके हैं। यह जानकारी देते हुये पहल के मनीष मिश्रा ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान बताया कि प्राप्त आर्डर से होने वाले लाभ में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के हिस्से का प्रॉफिट नकद रूप में वितरित किया गया, क्योंकि अधिकांश महिलाओं के बैंक खाते अभी नहीं खुले हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि अगले माह तक सभी संबंधित महिलाओं के बैंक खाते खुल जाने के पश्चात लाभ की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
पं. अटल बिहारी बाजपेई प्रेक्षागृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुये मनीष मिश्रा ने बताया कि इस योजना से जुड़े 100 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं में से प्रत्येक महिला को, अर्थात् 1000 महिलाओं को 1,000-1,000 हजारा की राशि प्रदान की गई है। इसके साथ ही, महिलाओं को पेड़ा निर्माण का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि वे उच्च गुणवत्ता का ‘राम जी का पेड़ाÓ तैयार कर सकें और इसे प्रसाद के रूप में बेहतर मानकों के साथ उपलब्ध कराया जा सके।उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिलेगा। भविष्य में इस योजना का दायरा और विस्तारित करने की भी योजना है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इससे जुड़कर लाभान्वित हो सकें।
गोरखपुर में इंसानियत और जिम्मेदारी की एक मिसाल सामने आई है। यहां आरपीएफ की महिला स्टाफ ने ट्रेन में ही एक महिला की डिलीवरी करा कर जच्चा और बच्चा की जान बचा ली। महिला बिहार की रहने वाली है। और बच्चे की डिलीवरी कराने अपने गांव जा रही थी, लेकिन रास्ते में ही ट्रेन में प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसकी सूचना यात्री मित्र पर दी गई। सूचना पाते ही आरपीएफ महिला स्टाफ ट्रेन की बोगी में पहुंचे और डॉक्टर की मौजूदगी में सफलतापूर्वक डिलीवरी कराई गई। इसकी चर्चा लोग सोशल मीडिया से लेकर हर जगह कर रहे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक आरपीएफ को यात्री मित्र के तहत सूचना मिली कि गाड़ी संख्या 15532 की जनरल बोगी में एक महिला को प्रसव पीड़ा हो रही है, इसकी सूचना आरपीएफ को हुई, ट्रेन जैसे ही गोरखपुर के प्लेटफार्म संख्या दो पर पहुंची, उपनिरीक्षक प्रियंका सिंह के नेतृत्व में दीपिका यादव, कांस्टेबल सुनीता और जवान अमित उपाध्याय ट्रेन की जनरल बोगी में महिला के पास पहुंचे, तब तक इसकी सूचना रेलवे अस्पताल को दे दी गई थी, वहां से डॉ रामप्रवेश कुशवाहा और एक महिला स्टाफ भी मौके पर पहुंच गए थे। डॉक्टर की देखरेख में ट्रेन की बोगी में ही चद्दर से घेर कर महिला की डिलीवरी कराई गई, महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। आरपीएफ की महिला स्टाफ ने नवजात को गोद में लेकर दुलार और उसके साथ फोटो भी खींचाई, इस कार्य की चर्चा ट्रेन में मौजूद सभी लोग कर रहे थे, उनका कहना था कि हमारी सुरक्षा के साथ है, सेवा में भी तत्पर रहती है। आरपीएफ, इसके लिए उनका ढेर सारा आभार। महिला के कहने पर आरपीएफ टीम ने एंबुलेंस कॉल की और महिला को नवजात सहित जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ है। ट्रेन में ही डिलीवरी कराना एक उचित निर्णय था, देर होने पर कुछ भी हो सकता था?
महिला के साथ मौजूद उसकी मां बेगम खातून का कहना है कि मुसर्रत परवीन मेरी बेटी है, हम लोग बिहार के समस्तीपुर स्थित “सलाह बुजुर्ग” गांव के रहने वाले हैं। और ठकरीकलां से खगडिय़ा जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही बेटी को पीड़ा होने लगी तो सहयात्रियों ने इसकी सूचना “यात्री मित्र” को दी थी,आरपीएफ टीम द्वारा जिस तरह हमारा सहयोग किया गया है, हम उनके सदा आभारी रहेंगे। वहीं अन्य लोग भी आरपीएफ के इस कार्य की सराहना कर रहे हैं। यात्रियों का कहना था कि आरपीएफ यात्रा के दौरान हमारी सुरक्षा का ख्याल तो करती ही है, आवश्यकता पडऩे पर हमारी सेवा भी करती है।
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