इस्लामाबाद ,27 मार्च,। अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के चल रहे संघर्ष को लगभग एक महीना होने वाला है, लेकिन अब तक सीजफायर पर कोई सहमति नहीं बन पाई है। ईरान झुकने को तैयार नहीं है और खाड़ी क्षेत्र में लगातार हमले जारी हैं। इस बीच एक नए सर्वेक्षण ने संकेत दिया है कि मिडिल ईस्ट में जारी यह युद्ध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए राजनीतिक मुश्किलें खड़ी कर सकता है। एपी-एनओआरसी सेंटर फॉर पब्लिक अफेयर्स रिसर्च के सर्वे के अनुसार, करीब 59 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक मानते हैं कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जरूरत से ज्यादा आगे बढ़ गई है।
संघर्ष के चौथे सप्ताह में किए गए इस सर्वे में पाया गया कि ट्रंप की समग्र अनुमोदन रेटिंग भले ही स्थिर बनी हुई है, लेकिन युद्ध का राजनीतिक असर तेजी से बढ़ रहा है। ट्रंप प्रशासन ने मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त युद्धपोत और सैनिक तैनात किए हैं, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। अमेरिकी जनता में इस सैन्य अभियान को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। लगभग 74 प्रतिशत नागरिक जमीनी सेना भेजने के खिलाफ हैं। वहीं, बढ़ती पेट्रोल कीमतों और लंबे खिंचते युद्ध को लेकर लोगों की चिंता भी गहराती जा रही है।
सर्वे के मुताबिक, करीब 45 प्रतिशत अमेरिकी आने वाले महीनों में ईंधन खर्च को लेकर बेहद चिंतित हैं। हालांकि, दो-तिहाई लोगों का मानना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की महत्वपूर्ण विदेश नीति प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके साथ ही, उतने ही लोग घरेलू तेल और गैस की कीमतों को नियंत्रित करने की जरूरत पर भी जोर दे रहे हैं। कुल मिलाकर, ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान अब ट्रंप प्रशासन के लिए विदेश नीति के साथ-साथ घरेलू स्तर पर भी एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
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