बीजापुर 27 मार्च (आरएनएस) जिले के थाना बेदरे क्षेत्र के ग्राम केरपे में 26 मार्च 2026 को पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के तहत बड़ा जनजागरूकता अभियान चलाते हुए सैकड़ों ग्रामीणों के बीच पहुंचकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और शांति का संदेश दिया। इस दौरान चलित थाना, जनजागरूकता कार्यक्रम, चिकित्सा शिविर और जरूरतमंदों को सामग्री वितरण जैसी गतिविधियों के जरिए ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की गई।
कार्यक्रम में ग्राम केरपे, मरीमड़गु, पेद्दागुण्डापुर, मादेपुर, ओडरी सहित आसपास के करीब 300 से 400 ग्रामीण शामिल हुए। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कुटरू श्री बृज किशोर यादव ने ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, बच्चों की शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी और इनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान कार्यक्रम का सबसे अहम पहलू रहा मुख्यधारा में लौटे पूर्व माओवादियों का खुला संदेश। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जंगल और हिंसा का रास्ता सिर्फ दुख और नुकसान देता है। उन्होंने अभी भी सक्रिय माओवादियों से अपील की कि वे हथियार छोड़कर अपने परिवारों के पास लौटें और शांतिपूर्ण जीवन अपनाएं। यह अपील कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच गहरी छाप छोड़ गई।
पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के तहत जरूरतमंद ग्रामीणों को आवश्यक सामग्री, बच्चों को शैक्षणिक सामग्री और युवाओं को खेल सामग्री वितरित की। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुटरू की मोबाइल यूनिट द्वारा मौके पर ही स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों को जरूरी इलाज और जांच सुविधा उपलब्ध कराई गई।
इस पूरे अभियान में ग्रामीणों में सकारात्मक बदलाव और उत्साह साफ नजर आया। कई लोगों ने बच्चों की शिक्षा और क्षेत्र के विकास में सक्रिय भागीदारी की शपथ भी ली। पुलिस का यह प्रयास साफ दिखाता है कि अब सिर्फ कानून का डर नहीं, बल्कि विश्वास और संवाद के जरिए भी बदलाव लाने की रणनीति पर काम हो रहा है।
यह पहल साफ संकेत देती है कि बीजापुर में अब बंदूक नहीं, विकास और विश्वास की राह मजबूत हो रही है।


