लखनऊ 27 मार्च (आरएनएस )। सर्विलांस टीम, पुलिस उपायुक्त उत्तरी और थाना मलिहाबाद की संयुक्त पुलिस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में ?34 लाख की ऑनलाइन ठगी का खुलासा करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के सरगना अल्फा सहित अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।पुलिस के अनुसार साइबर क्राइम पोर्टल से प्राप्त सूचना के आधार पर एक संदिग्ध बैंक खाते की जांच की गई, जिसमें बड़े पैमाने पर असामान्य वित्तीय लेनदेन पाए गए। जांच के दौरान यह सामने आया कि उक्त खाता सुमित कुमार निवासी काकोरी, लखनऊ के नाम संचालित था, जिसका उपयोग ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से आम लोगों से धोखाधड़ी कर धन एकत्रित करने के लिए किया जा रहा था।तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सुमित कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसकी निशानदेही पर दो अन्य सहयोगियों अरबाज खान निवासी ठाकुरगंज और छोटू मौर्य निवासी काकोरी को नवीनगर ढेढेमऊ, शारदा नहर किनारे से गिरफ्तार कर लिया गया।पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्त टेलीग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन गेमिंग और निवेश से संबंधित लिंक भेजकर लोगों को कम समय में अधिक लाभ का लालच देते थे। जब कोई व्यक्ति धनराशि निवेश करता था, तो उस धन को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था, जिससे लेनदेन की सीधी श्रृंखला टूट जाए। इसके बाद धनराशि को डिजिटल करेंसी यूएसडीटी में बदल दिया जाता था, जिससे उसकी ट्रेसिंग जटिल हो जाती थी। अभियुक्त अपनी पहचान छिपाने के लिए वीपीएन और फर्जी मोबाइल नंबर का उपयोग करते थे।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि 14 और 15 मार्च को संगठित तरीके से करीब ?34 लाख की साइबर ठगी की गई थी। संबंधित बैंक खाते के विरुद्ध अन्य राज्यों से भी ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिससे गिरोह के देशव्यापी नेटवर्क के संकेत मिले हैं।पुलिस के अनुसार इस मामले में थाना मलिहाबाद में धारा 318(4), 319(2), 111(2) भारतीय न्याय संहिता तथा धारा 66ष्ट और 66ष्ठ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में सुमित कुमार (उम्र 25 वर्ष) निवासी ग्राम खानपुर मऊ थाना काकोरी, अरबाज खान (उम्र 30 वर्ष) निवासी कैंपबेल रोड थाना ठाकुरगंज तथा छोटू मौर्य निवासी ग्राम बहेरू थाना काकोरी शामिल हैं। आरोपी अरबाज खान के विरुद्ध पूर्व में भी साइबर ठगी का मुकदमा दर्ज होना पाया गया है।पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, ?1,800 नकद और एक स्कूटी बरामद की है। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक, ऑनलाइन गेमिंग या निवेश प्लेटफॉर्म के लालच में न आएं और अपनी बैंकिंग या ओटीपी से संबंधित जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाना पर सूचना देने की सलाह दी गई है।
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