देहरादून,27 मार्च (आरएनएस)। रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (सीबीआरएन) जैसी गंभीर और खतरनाक आपात स्थितियों से निपटने के लिए भारतीय सेना और प्रशासन ने तैयारियां परखीं। अभ्यास में सेना के साथ-साथ राज्य की विभिन्न आपातकालीन एजेंसियों ने हिस्सा लिया और किसी भी बड़ी अनहोनी के समय आपसी समन्वय का प्रदर्शन किया। बीरपुर छावनी में 25 और 26 मार्च को दो दिवसीय द्विवार्षिक सीबीआरएन अभ्यास किया गया। अभ्यास को वास्तविक रूप देने के लिए एक औद्योगिक इकाई में रासायनिक गैस रिसाव की मॉक ड्रिल तैयार की गई थी। इसका उद्देश्य यह जांचना था कि ऐसी आपात स्थिति में सभी एजेंसियां कितनी तेजी से और किस तरह प्रतिक्रिया देती हैं। घटना की सूचना मिलते ही सेना की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया। जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित किया और प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित कीं। इस अभ्यास में भारतीय सेना की टीमों के अलावा एसडीआरएफ, सिविल पुलिस, फायर ब्रिगेड और चिकित्सा टीमों ने हिस्सा लिया। रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी देहरादून कर्नल मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य खतरनाक पदार्थों से संबंधित आपात स्थितियों में विभिन्न एजेंसियों के बीच संचार, निर्णय-निर्माण और जमीनी कार्रवाई के समन्वय को मजबूत करना था।
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