सारंगढ़-बिलाईगढ़ 28 मार्च 2026 (आरएनएस) जिले में टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए 100 दिवसीय बड़ा अभियान शुरू हो गया है, जहां विश्व क्षय रोग दिवस से शुरुआत करते हुए प्रशासन ने गांव-गांव पहुंचकर छिपे मरीजों की पहचान और मौके पर जांच का मिशन तेज कर दिया है, कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एफ आर निराला के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीमें उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में पहुंचकर संदिग्ध मरीजों की ऑन-द-स्पॉट एक्स-रे जांच कर रही हैं, मोबाइल यूनिट्स के जरिए दूरस्थ गांवों में ही जांच सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है ताकि लोगों को अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें, मितानिन और स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर दो हफ्ते से ज्यादा खांसी, वजन कम होना, रात में पसीना आना और शरीर में गांठ जैसे लक्षणों की पहचान कर रहे हैं और तुरंत जांच के लिए प्रेरित कर रहे हैं, अभियान का मुख्य फोकस ऐसे छिपे मरीजों को सामने लाना है जो अब तक उपचार से बाहर हैं, निक्षय निरामय 100 दिवसीय अभियान के तहत 30 मार्च को पवनी और अप्रैल में 01 को गोविन्दबन, 02 को धनसीर, 03 को सेमराडीह, 04 को सरिया, 06 को कोकबहाल, 07 को बरमकेला, 08 को बाहालीडीह, 09 को बोन्दा, 10 को लुकापारा, 11 को गोडिहारी, 13 को रेडा, 15 को गोड़म, 16 को हिर्री, 17 को झरपडीह, 18 को कोतरी और 20 को महकमपुर में शिविर लगाए जाएंगे, प्रशासन ने साफ निर्देश दिया है कि इस अभियान में कोई भी संभावित मरीज छूटना नहीं चाहिए, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है और समय पर जांच ही सबसे बड़ा बचाव है, साथ ही मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत आर्थिक सहायता भी दी जा रही है जिससे इलाज के दौरान पोषण की कमी न हो, यह अभियान न सिर्फ मरीजों की पहचान करेगा बल्कि समाज में फैली भ्रांतियों को भी तोड़ेगा, यह पहल साफ संकेत देती है कि अब टीबी के खिलाफ जंग गांव-गांव तक पहुंच चुकी है।
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