रामानुजगंज, 28 मार्च (आरएनएस)। रामानुजगंज छत्तीसगढ़ सीमा से लगे भंडरिया प्रखंड के अंडा महुआ स्थित स्वतंत्रता सेनानी शहीद नीलांबर-पीतांबर की प्रतिमा स्थल पर उनके शहादत दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर खरवार आदिवासी एकता संघ का स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह भी आयोजित हुआ, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए अतिथियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह सहित अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा शहीद नीलांबर-पीतांबर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर की गई। आयोजन समिति द्वारा अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया, वहीं प्रोजेक्ट गर्ल हाई स्कूल की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावपूर्ण बना दिया।
इस अवसर पर उड़ीसा से सुखदेव खेरवार, असम से नुरुल खेरवार, बिहार से राजकुमार (राजू), मध्य प्रदेश से राममोहन सिंह, राजस्थान से ओमप्रकाश खरवार, पश्चिम बंगाल से मोहनलाल मंडल तथा झारखंड से उदय सिंह खरवार एवं झामुमो नेता संजय सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
वीरता और बलिदान की गाथा को किया याद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि बृहस्पत सिंह ने कहा कि गुरिल्ला युद्ध के जरिए अंग्रेजों को चुनौती देने वाले वीर योद्धा नीलांबर और पीतांबर की शौर्यगाथा युगों-युगों तक स्मरणीय रहेगी। उन्होंने कहा कि 1857 की क्रांति जहां देश के कई हिस्सों में कुछ ही समय में कमजोर पड़ गई थी, वहीं पलामू क्षेत्र में नीलांबर-पीतांबर ने 1859 तक क्रांति की ज्वाला को जीवित रखा। उनका यह बलिदान देश कभी नहीं भूल सकता।
उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह दोनों वीर भाइयों ने भोक्ता, चेरो और खरवार समाज को एकजुट कर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया, उसी प्रकार आज भी समाज के उत्थान के लिए एकजुटता की आवश्यकता है।
लोक संस्कृति की झलक ने मोहा मन
कार्यक्रम में अनुसूचित जनजाति लोक कला नृत्य मंडली द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों के साथ आकर्षक गीत एवं नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक कुंवर सिंह ने किया। इस अवसर पर हिरवंती देवी, श्रद्धा देवी, मुखिया विनय सिंह, रामवृक्ष सिंह, बिरझु सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।
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