रायपुर 28 मार्च (आरएनएस) विदेशी करेंसी के नाम पर देशभर में करोड़ों की ठगी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह आखिरकार पुलिस के शिकंजे में—रायपुर के तेलीबांधा में ट्रैवल एजेंसी संचालक को शिकार बनाकर 19 लाख से ज्यादा की ठगी करने वाले गिरोह का फरार आरोपी अमन शर्मा गिरफ्तार कर लिया गया है, जो अपने सगे भाई मयंक शर्मा के साथ मिलकर इस हाईटेक ठगी को अंजाम दे रहा था। मामला 1 मार्च 2026 का है जब गुरुनानक नगर निवासी ट्रैवल व्यवसायी हरदीप सिंह होरा को व्हाट्सएप कॉल कर खुद को हर्षित अग्रवाल बताने वाले आरोपी ने अमेरिका और लंदन में होटल बुकिंग के बहाने भरोसे में लिया, फिर 2 मार्च को करेंसी टॉवर तेलीबांधा बुलाकर 18,000 यूएस डॉलर और 2,000 जीबीपी लेकर आने को कहा, जहां उसका साथी रक्षित अग्रवाल नकद भारतीय रकम देने का झांसा देता रहा और मौके का फायदा उठाकर करीब 19,47,400 रुपये की विदेशी मुद्रा लेकर फरार हो गया, शिकायत मिलते ही थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 103/2026 धारा 318(4), 3(5), 111 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई, पहले चरण में पुलिस ने प्रोसेनजित चक्रवर्ती और मयंक शर्मा को गिरफ्तार कर 4.50 लाख रुपये और दो मोबाइल जब्त किए, इसके बाद एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और लिंक ट्रेसिंग के जरिए फरार आरोपी अमन शर्मा को कोलकाता के 24 परगना में लोकेट कर दबोच लिया, पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने मामा और साथियों के साथ मिलकर महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, तेलंगाना, चेन्नई, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के अलग-अलग जिलों में इसी तरीके से 22 वारदातें कर चुका है और अब तक करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है, आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। साफ संकेत—रायपुर पुलिस अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं कर रही, बल्कि ठगी के पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने में जुटी है।
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