सोने के सिक्के, अहम दस्तावेज व 4 लग्जरी गाडिय़ां जब्त
कोलकाता,28 मार्च (आरएनएस)। बंगाल में चुनावी गर्माहट के बीच एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज ताबड़तोड़ तौर पर बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीमों ने राज्य के अलग-अलग कई इलाकों में छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई एक अवैध कॉल सेंटर चलाने और लोगों से धोखाधड़ी करने के मामले से जुड़ी कही जा रही है। इसी कड़ी में महानगर कोलकाता के बालीगंज प्लेस स्थित एक बहुतलीय इमारत में कारोबारी मनीष झुनझुनवाला के फ्लैट पर छापा मारा गया। बालीगंज अभियान के अलावा, ईडी की टीमों ने पार्क स्ट्रीट के पास चौरंगी रोड पर स्थित ओम टावर और कोलकाता में छापे पड़े है। केंद्रीय एजेंसी कथित तौर पर कई सौ करोड़ रुपये की जमीन और रियल एस्टेट परियोजनाओं से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है। इस अभियान में सहायता के लिए इमारत के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर केंद्रीय बलों को तैनात किया गया था। मामले पर अधिकारियों ने बताया कि सिलीगुड़ी, हावड़ा, बिधाननगर और दुर्गापुर जैसे इलाकों में करीब 16 जगहों पर तलाशी ली गई। इस मामले में सुरश्री कर, सम्राट घोष और सुभजीत चक्रवर्ती के नाम मुख्य रूप से सामने आए हैं। खबर के लिखे जाने तक एजेंसी इन लोगों और इनके साथियों के ठिकानों पर जरूरी सबूत तलाश रही है। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने कॉल सेंटर के जरिए बहुत से मासूम लोगों को अपना शिकार बनाया और उनसे बड़ी रकम ठगी है। खबरों की माने तो छापेमारी के दौरान ईडी को करीब 2.5 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी), सोने के सिक्के, क्रिप्टोकरेंसी के साथ कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस मिले हैं। इसके अलावा जांच में 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की जमीन, होटल और रिजॉर्ट जैसी संपत्तियों का भी पता चला है, जो कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से कमाई गई थीं। खबर है कि, कार्रवाई के दौरान 2 बांग्लादेशी पासपोर्ट और एक मर्सिडीज समेत 4 लग्जरी गाडिय़ां भी जब्त की गईं। सिलीगुड़ी के एक ठिकाने से अलग-अलग ब्रांड की 88 शराब की बोतलें भी मिलीं, जिन्हें ईडी ने वेस्ट बंगाल एक्साइज डिपार्टमेंट को सौंप दिया। यह कदम 2026 के विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष बनाए रखने के तहत उठाया गया है। ईडी ने यह जांच पश्चिम बंगाल पुलिस की एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि ये लोग एक फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे, जो खासकर अमेरिका के लोगों को फोन कर ठगी करता था और अवैध तरीके से पैसे भारत भेजता था। बताया जा रहा है कि, जांच में यह भी सामने आया है कि टेक्नोसोलिस इन्फॉर्मेटिक्स लिमिटेड और इससे जुड़ी कंपनियों के नाम पर कई बैंक खाते खोले गए थे, जिनमें विदेश से आने वाला पैसा जमा किया जाता था। ये पैसा ठगी से कमाया गया था। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि इस मामले का कोई संबंध चुनावी फंडिंग या राजनीति से है या नहीं। जांच एजेंसी हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है। ईडी के अधिकारी जब्त किए गए दस्तावेजों और सामानों की जांच कर रहे हैं ताकि इस गिरोह की पूरी सच्चाई सामने आ सके। यह छापेमारी एसे समय में हुई है जब बंगाल में चुनावी माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। चुनाव आयोग ने हाल ही में राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की है। बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है। चुनाव के नतीजों का एलान 4 मई को असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के साथ होगा।
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