नई टिहरी,29 मार्च (आरएनएस)। थौलधार ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस सिलिंडर नहीं मिलने से लोगों की परेशानी बढऩे लगी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगलों से सूखे पेड़ और सुखी लकड़ी निशुल्क देने की मांग की उठाई है। ग्राम प्रधान संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष रविंद्र राणा ने कहा कि थौलधार ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में विगत कई दिनों से रसोई गैस की सप्लाई नहीं हो पा रही है, जिससे लोगों की परेशानी बढऩे लगी है। उन्होंने कहा कि नगुण पट्टी के कोटी मेहरूकी, मजखेत, थिरणी, क्यारी, चापड़ा अंधियारी, बगालचक में वन विभाग के जंगलों में काफी संख्या में चीड़ के सूखे पेड़ इधर-उधर गिरे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आगामी दिनों में शादी विवाह के साथ अन्य मांगलिक कार्यक्रम संपन्न होने है। ऐसे में रसोई गैस न मिलने से ग्रामीणों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। गैस एजेंसी की ओर से अगला सिलिंडर 26 दिन बाद देने का समय दिया गया है। शादी-विवाह और अन्य सामाजिक कार्य किस तरह से संपन्न कराएंगे जाएंगे। बताया पूर्व में क्षेत्र के ग्रामीणों की ओर से हक-हकूक के तहत घरों की मरम्मत के लिए वन विभाग से हक हकूक के तहत सूखे पेड़ों की मांग की गई थी लेकिन वह भी नहीं मिल पाई। वन विभाग की ओर से 15 फरवरी से फायर सीजन का हवाला देेकर हक-हकूक लकड़ी (रमाना) देने के लिए माना कर दिया। वन दरोगा प्रवीण असवाल ने कहा कि जंगल में गिरे तथा खड़े सूखे पेड़ ग्रामीणों को देने को लेकर को आदेश उन्हें नहीं मिला है। विभागीय उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद ही ग्रामीणों को लकड़ी और पेड़ों का आवंटन का काम किया जाएगा।
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