3 घंटे… 8 लोकेशन… 159 ड्रंक ड्राइवर्स!.. टूटा रिकॉर्ड
रायपुर 30 मार्च (आरएनएस) रात गहराई ही थी कि रायपुर की सड़कों पर अचानक सायरन गूंजने लगे, हर मोड़ पर पुलिस की नजर, हर वाहन पर जांच और कुछ ही घंटों में जो सामने आया उसने सभी को चौंका दिया—सिर्फ 3 से 4 घंटे की कार्रवाई में 159 लोग नशे में वाहन चलाते पकड़े गए, यह अब तक का सबसे बड़ा एक्शन बन गया, जिसने पिछले रिकॉर्ड 154 मामलों को भी पीछे छोड़ दिया। 29 मार्च की देर रात रायपुर कमिश्नरेट की यातायात पुलिस ने शहर के 8 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया, इस पूरी कार्रवाई की कमान पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन और यातायात एवं प्रोटोकॉल के पुलिस उपायुक्त विकास कुमार के मार्गदर्शन में रही, जहां हर यातायात थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ सड़कों पर उतरा और एक-एक वाहन की जांच शुरू हुई, जैसे-जैसे रात बढ़ती गई, नशे में धुत चालकों की संख्या भी चौंकाने वाली तेजी से बढ़ती गई और देखते ही देखते आंकड़ा 159 तक पहुंच गया, जो यह बताने के लिए काफी है कि शहर की सड़कों पर खतरा कितनी खामोशी से घूम रहा था। यह कार्रवाई सिर्फ एक रात तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे साल के आंकड़े भी हैरान कर देने वाले हैं—साल 2026 में अब तक 1580 ड्रंक ड्राइविंग के मामले दर्ज हो चुके हैं, जो कि पिछले पूरे साल 2025 के 1537 मामलों से भी ज्यादा है, यानी खतरा बढ़ा है और पुलिस की सख्ती भी उसी रफ्तार से बढ़ी है। पुलिस साफ कह रही है कि यह अभियान किसी आंकड़े की होड़ नहीं, बल्कि उन हादसों को रोकने की कोशिश है जो एक पल की लापरवाही में किसी का घर उजाड़ देते हैं, सड़क पर एक गलत फैसला कई जिंदगियों की कीमत बन सकता है, इसलिए यह कार्रवाई चेतावनी भी है और जिम्मेदारी भी। इस पूरे अभियान के दौरान न सिर्फ शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर कार्रवाई हुई बल्कि लोगों को सख्त संदेश भी दिया गया कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, हेलमेट और सीट बेल्ट से लेकर ओवरस्पीडिंग और नाबालिग ड्राइविंग तक हर नियम पर नजर है, खासकर रात के समय पुलिस की चौकसी और भी ज्यादा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने लोगों से साफ अपील की है कि शराब पीने के बाद वाहन बिल्कुल न चलाएं, जरूरत पड़े तो कैब, ऑटो या परिवार की मदद लें, क्योंकि एक छोटी सी समझदारी आपको और दूसरों को जिंदगी दे सकती है। रायपुर की सड़कों पर यह एक्शन सिर्फ चालान की कहानी नहीं, बल्कि उन अनगिनत संभावित हादसों को रोकने की सच्ची कोशिश है जो होने से पहले ही खत्म कर दिए गए—याद रखिए, सड़क पर जिम्मेदारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है, क्योंकि सुरक्षित सफर ही जिंदगी की सबसे बड़ी गारंटी है।

