0-नामंाकन – पत्रों की छटाई, चुनाव निष्पक्ष कराने की जिम्मेवारी
रायपुर, 30 मार्च (आरएनएस)। भारत देश के 5 राज्यों में होने वाले आम चुनावों के लिए छत्तीसगढ़ से 30 से अधिक आईएएस अधिकारियों को चुनाव कराने के लिए बतौर परिवेक्षक बनाया गया है। जिसके कारण यहां आवश्यक काम-काज प्रभावित हो रहा है। ज्ञात रहे छत्तीसगढ़ में ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बंगाल, असम, तमिलनाडू, केरल और पांडुचेरी में चुनाव कराए जाने की घोषणा की गई है, लेकिन यहां पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की अनुशंसा पर इन्हें नई दिल्ली में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाताह ै, इसके पश्चात इन्हें इन राज्यों में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए बतौर परिवक्षेक के रूप में तैनात किया जाता है। सीईओ कार्यालय के अनुसार जिन राज्यों में पहले चरण में चुनाव होने हैं, वहा पर अधिकारियों को भौगोलिक स्थिति की जानकारी लेना होता है, इसके पश्चात वे जाते हैं। लेकिन नामांकन पत्र भरने और नामांकन पत्र की छटाई की जांच एवं निष्पक्ष चुनाव कराने सहित अन्य मुद्दों को लेकर वे सभी की बारीकी से जानकारी देते हैं। आयोग के अनुसार इस समय आईएएस अधिकारी-आईपीएस एवं आईआरएस को अलग-अलग परिवेक्षक के रूप में नियुक्त किया जाता है।
छत्तीसगढ़ में ई-ऑफिस के जलवे
छत्तीसगढ़ में विभिन्न विभागों के आईएएस अधिकारियों के चले जाने के पश्चात यहां पर आवश्यक काम-काज प्रभावित हो रहा है। बजट सत्र के बाद यहां कार्यों का आबंटन वित्तीय आहरण हुआ है, लेकिन यहां पर अब सभी काम लंबित पड़े हुए हैं। इधर अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न राज्यों में चुनाव कराने गए आईएएस अधिकारियों के रायपुर में न रहने के बावजूद सरकार को लिंक अफसर बनाने की आवश्यकता नहीं है। सभी फाइल क्लियर हो रही है। चीफ सेक्रेटरी को इसकी रिपोर्ट लेना चाहिए। जितने अधिकारी बाहर हैं और ई ऑफिस में कितना काम हो रहो है, इसकी वस्तु स्थित की जानकारी मिलेगी।
आर. शर्मा
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