नई दिल्ली 30 March, (Rns) : महिलाओं से दुष्कर्म के मामले में नासिक के ज्योतिषी अशोक खरात की पुलिस हिरासत मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रविवार को 1 अप्रैल तक बढ़ा दी। जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और जब्त किए गए मोबाइल फोन की क्लोन कॉपी के विश्लेषण के लिए डिजिटल विशेषज्ञों की जरूरत है। यह प्रक्रिया आरोपी की मौजूदगी में ही की जानी आवश्यक है।
मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला से फोन की क्लोन कॉपी हासिल कर ली है। अब तक खरात के खिलाफ कुल 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 8 दुष्कर्म से संबंधित हैं। सहायक सरकारी वकील शैलेंद्र बागाडे ने कोर्ट को बताया कि जांच के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर आरोपी ने अब तक पर्याप्त सहयोग नहीं किया है। उन्होंने आशंका जताई कि खरात ने अपने अहम संपर्कों के नंबर उपनामों (फर्जी नामों) से सेव किए हो सकते हैं, इसलिए उसकी मौजूदगी में मोबाइल डेटा की जांच जरूरी है।
बागाडे ने यह भी बताया कि जांच एजेंसियां खरात की चल और अचल संपत्तियों की जांच कर रही हैं। उन्हें संदेह है कि आरोपी ने कुछ संपत्तियां अपने नाम या अन्य लोगों के नाम पर हासिल की हो सकती हैं। गिरफ्तारी से जुड़े एक मामले में आरोप है कि खरात ने पीड़िता को पीने के लिए “खारा और कड़वा पानी” दिया, जिसे पीने के बाद उसे चक्कर आने लगे। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर उसके साथ दुष्कर्म किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, SIT अब इस पानी के स्रोत की जांच करेगी और यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि उसमें क्या मिलाया गया था।
इस बीच, SIT के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन रिपोर्टों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को खरात के चैरिटेबल ट्रस्ट से उनके संबंधों को लेकर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। चाकणकर इस ट्रस्ट में ट्रस्टी के रूप में जुड़ी रही हैं। उधर, इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली।

