New Delhi 30 March, (Rns) /- सरकार का प्रयास है कि देश के सभी आबाद गांवों से 5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधाओं (बैंक शाखा/बैंक मित्र (बीसी)/इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) की उपलब्धता सुनिश्चित हो। बैंकिंग सुविधाओं की उपलब्धता की निगरानी जन धन दर्शक (जेडीडी) ऐप नामक भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) आधारित एप्लिकेशन द्वारा की जाती है।
बैंकों द्वारा जन धन दर्शक ऐप पर अपलोड किए गए आंकड़ों के आधार पर देश के 99.92 प्रतिशत गांवों और दादरा एवं नगर हवेली केंद्र शासित प्रदेश के 100 प्रतिशत गांवों में 5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधाएं (बैंक शाखा/बैंक मित्रों/आईपीपीबी) उपलब्ध हैं (दिनांक 06 मार्च, 2026 तक)। बैंकिंग अवसंरचना के विस्तार में प्रमुख बाधाएं कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे की कमी के साथ-साथ उपयुक्त परिसरों की अनुपलब्धता हैं।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अद्यतन दिशानिर्देशों के अनुसार, जिन क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां बैंकिंग आउटलेट खोलना एक सतत प्रक्रिया है जिसकी देखरेख राज्य-स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी)/केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय बैंकर्स समिति (यूटीएलबीसी) संबंधित राज्य सरकार, सदस्य बैंकों और अन्य हितधारकों के परामर्श से करती है। बैंक, आरबीआई के निर्देशों, अपनी व्यावसायिक योजनाओं और व्यावसायिक व्यवहार्यता के आधार पर बैंकिंग आउटलेट खोलने के प्रस्तावों पर विचार करते हैं। बैंकिंग आउटलेट खोलने की व्यवहार्यता का और आकलन करने के लिए, बैंक आवश्यकतानुसार सर्वेक्षण करते हैं।
वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने आज लोकसभा में यह जानकारी दी।

