प्रयागराज,लखनऊ 30 मार्च (आरएनएस ) । उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) परीक्षा-2024 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस परीक्षा के तहत कुल 24 प्रकार के पदों एवं सेवाओं के लिए चयन प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें 947 रिक्तियों के सापेक्ष 932 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से सफल घोषित किया गया है।आयोग के अनुसार पीसीएस-2024 की मुख्य परीक्षा का परिणाम 4 फरवरी 2026 को घोषित किया गया था, जिसमें 2719 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए सफल घोषित किया गया था। इसके बाद याचिका संख्या 5254/2025 रिशीष प्रकाश बनाम उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग व अन्य तथा उससे संबंधित 14 याचिकाओं में उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में 20 मार्च 2026 को जारी विज्ञप्ति के माध्यम से दो और अभ्यर्थियों को साक्षात्कार हेतु औपबंधिक रूप से सफल घोषित किया गया था।साक्षात्कार की प्रक्रिया 26 फरवरी 2026 से 23 मार्च 2026 तक संपन्न कराई गई, जिसमें कुल 21 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। आयोग ने बताया कि उपलब्ध 947 रिक्तियों में से 932 पदों पर अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है, जबकि व्यवस्थाधिकारी पद की 1 रिक्ति तथा व्यवस्थापक पद की 14 रिक्तियां उपयुक्त अभ्यर्थियों के अभाव में रिक्त रह गई हैं। इन रिक्तियों को नियमानुसार अग्रेनीत किए जाने की संस्तुति की गई है।आयोग द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि उपकारापाल पद का चयन परिणाम केवल लिखित परीक्षा के आधार पर घोषित किया गया है। इन पदों के सापेक्ष सफल घोषित ऐसे अभ्यर्थी, जो साक्षात्कार में सम्मिलित नहीं हुए थे, उनका चयन परिणाम उनके शैक्षिक अभिलेखों एवं श्रेणी से संबंधित प्रमाण-पत्रों के मूल अभिलेखों से मिलान के उपरांत ही अंतिम रूप से मान्य किया जाएगा। इस संबंध में आयोग द्वारा पृथक प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी।इसके अतिरिक्त जिन अभ्यर्थियों के परिणाम के सम्मुख ‘क्कक्रह्रङ्कÓ अंकित किया गया है, उन्हें निर्धारित तिथि तक आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा के भीतर अभिलेख प्रस्तुत न करने की स्थिति में संबंधित अभ्यर्थियों का अभ्यर्थन अथवा चयन निरस्त कर दिया जाएगा।आयोग ने यह भी बताया कि परीक्षा परिणाम से संबंधित अभ्यर्थियों के प्राप्तांक तथा श्रेणीवार और पदवार कटऑफ अंक शीघ्र ही आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित किए जाएंगे। साथ ही इस संबंध में सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के अंतर्गत प्राप्त प्रार्थना-पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे और न ही उन पर विचार किया जाएगा।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

