राजनांदगांव, 30 मार्च 2026 (आरएनएस ) — सृष्टि कॉलोनी के एक मेडिकल स्टोर में आधी रात को हुई सनसनीखेज चोरी का राज पुलिस ने महज 6 घंटे में खोल दिया और पूरे गिरोह को दबोचकर यह साफ कर दिया कि अब अपराध के बाद बच निकलना आसान नहीं है, थाना बसंतपुर क्षेत्र के श्री धनवंतरी मेडिकल स्टोर्स में 29 मार्च की रात चोरों ने पहले दुकान और कमरे का ताला तोड़ा, फिर अंदर घुसकर नगदी, मोबाइल, CCTV कैमरा और बाहर खड़ी पल्सर मोटरसाइकिल तक साफ कर दी, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने इस ‘परफेक्ट प्लान’ को चंद घंटों में ही ध्वस्त कर दिया। घटना की शुरुआत तब हुई जब दुकान में काम करने वाले डालेश कुमार ने रात 9 बजे दुकान बंद कर पास के कमरे में सोया, रात करीब 3 बजे नींद खुली तो दरवाजा खुला मिला, अंदर रखा ओप्पो मोबाइल गायब था और आईफोन-17 टूटा पड़ा था, बाहर देखा तो दुकान से CCTV कैमरा, गल्ले से करीब 10 हजार रुपये और बाइक CG-24-T-4461 भी गायब थी, शिकायत मिलते ही थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 143/2026 के तहत धारा 331(4), 305, 324(4) भारतीय न्याय संहिता में केस दर्ज हुआ और तत्काल जांच शुरू हुई। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में टीम एक्टिव हुई, खास बात यह रही कि एक रात पहले ही कमला कॉलेज चौक पर गश्त के दौरान पुलिस ने संदिग्धों की फोटो और जानकारी व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर रखी थी, इसी इनपुट ने केस को पलट दिया, थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में पुलिस ने उन्हीं संदिग्धों को उठाया और सख्ती से पूछताछ की, जिसमें अजय उर्फ बोचकू यादव और उसके साथ दो विधि के विरुद्ध बालकों ने चोरी कबूल कर ली। आरोपी अजय उर्फ बोचकू यादव, पिता हेमंत यादव, उम्र 21 वर्ष, निवासी अटल आवास क्वार्टर नंबर 50 सृष्टि कॉलोनी, पहले से ही आदतन बदमाश है और उसके खिलाफ चोरी, मारपीट, बलात्कार, आगजनी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में कई केस दर्ज हैं, यानी यह सिर्फ एक चोरी नहीं बल्कि एक पुराने अपराधी का फिर से सक्रिय होना था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गई मोटरसाइकिल, CCTV कैमरा और मोबाइल बरामद कर लिया और सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया, इस पूरी कार्रवाई में प्रधान आरक्षक दीपक जायसवाल, आरक्षक चन्द्रशेखर श्रीवास, आरक्षक ललित रावटे और टीमक वर्मा की अहम भूमिका रही। यह कार्रवाई सिर्फ एक केस का खुलासा नहीं बल्कि यह चेतावनी है कि अब पुलिस की नजर हर संदिग्ध पर है ।


