नई दिल्ली ,30 मार्च,(आरएनएस)। बुढ़ापे में माता-पिता के लिए तेलंगाना सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मां-बाप को बेसहारा छोड़ा तो बेटे के वेतन से 15त्न कटौती होगी. मां-बाप को ‘बोझ’ समझने वाले बच्चों पर सरकार ने सख्ती की है. तेलंगाना विधानसभा ने ‘पैरेंटल सपोर्ट बिल-2026’ सर्वसम्मति से पास किया है. यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने माता-पिता की उचित देखभाल नहीं करता तो उसकी कुल मासिक सैलरी में से 15त्न या 10,000 रुपए की कटौती होगी.
देश में पहली बार सरकारी-गैर सरकारी कर्मचारियों, विधायकों, सांसदों और सरपंचों को भी माता-पिता के लिए जवाबदेह बनाया गया. विधेयक पेश करते हुए तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी ने जानकारी दी. कहा कि मैं एक ऐसे जनप्रतिनिधि को जानता हूं. जिनके पिता की कैंसर से मौत हो गई, लेकिन बेटे ने सुध नहीं ली
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