कोलकाता 30 March, (Rns) । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली चुनावी रैली का स्थान बदल दिया गया है। भारतीय जनता पार्टी ने 5 अप्रैल को होने वाले इस कार्यक्रम को अलीपुरद्वार से कूच बिहार में स्थानांतरित कर दिया है। प्रधानमंत्री उसी दिन रास मेला मैदान में एक जनसभा को संबोधित करेंगे, जो राज्य में उनके चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत होगी। प्रधानमंत्री की जनसभा से पहले गृहमंत्री अमित शाह ममता के खिलाफ चार्जशीट लाकर माहौल बना दिया है। ऐसे में भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि पीएम मोदी की सभा के बाद उत्तर बंगाल से तृणमूल का सफाया हो जायेगा। हलांकि अलीपुरदुआर में होने वाली रैली के रद्द होने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। हालांकि, संशोधित योजना में उत्तर बंगाल पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है, जो हाल के वर्षों में भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र बन गया है। पार्टी ने 2019 से यहां मजबूत चुनावी प्रदर्शन किया है, जिससे यह पहले चरण के मतदान में एक प्रमुख रणक्षेत्र बन गया है। वैसे बता दे कि, बंगाल में भाजपा का गढ़ कहे जानेवाले कूचबिहार के आंकड़ों पर गौर करें तो भाजपा के लिए कूच बिहार का विशेष महत्व है। 2021 में पार्टी ने वहां की नौ में से आठ विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी को एक झटका लगा। तृणमूल ने पार्टी से कूच बिहार की संसदीय सीट छीन ली। इसमें पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक लगभग 40,000 वोटों से हार गए और पार्टी चार विधानसभा क्षेत्रों में अपनी बढ़त गवां बैठी। बहरहाल जो भी हो चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से ठीक एक दिन पहले, 14 मार्च को पीएम मोदी ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक बड़ी रैली को संबोधित किया था। अब जब चुनाव प्रचार कूच बिहार से शुरू होने वाला है, तो सारा ध्यान इस बात पर केंद्रित हो गया है कि भाजपा चुनाव के शुरुआती चरण में इस क्षेत्र में अपनी स्थिति को कैसे मजबूत करती है। 5 अप्रैल की रैली के बाद, प्रधानमंत्री 10 अप्रैल को पश्चिम बंगाल लौटकर सिलीगुड़ी में रोड शो करेंगे
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